आज के समय में जहां हेयर फॉल, डैंड्रफ, स्कैल्प इन्फेक्शन और बालों का कमजोर होना आम समस्या बन चुकी है, वहीं नेचुरल उपाय के तौर पर कच्ची हल्दी एक असरदार विकल्प है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण न सिर्फ स्कैल्प को हेल्दी रखते हैं, बल्कि बालों को मजबूत बनाकर ग्रोथ में भी मदद करते हैं। सही तरीके से कच्ची हल्दी लगाने से बालों से जुड़ी कई परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
हल्दी से दूर होने वाली हेयर परेशानियां
-
रूसी और खुजली: कच्ची हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण स्कैल्प की खुजली, रूसी और संक्रमण से लड़ने में बहुत प्रभावी हैं। यह त्वचा की सूजन को शांत करती है। इसे नारियल या जैतून के तेल में मिलाकर लगाने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
-
बालों का झड़ना: कच्ची हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एक यौगिक है जो सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण स्कैल्प की जलन कम करता है और बालों के रोमों को पोषण देता है। यह रोगाणुरोधी होने के कारण रूसी और खोपड़ी की समस्याओं से लड़कर, बालों के झड़ने को रोकने के विकास में सहायक है।
-
बालों का पतला होना: कच्ची हल्दी में मौजूद करक्यूमिन अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण स्कैल्प के स्वास्थ्य को सुधारकर, डैंड्रफ कम कर और रक्त संचार बढ़ाकर पतले बालों को घना और मजबूत बनाने में मदद करती है।
-
बालों का सफ़ेद होना: कच्ची हल्दी में औषधीय गुणों वाले यौगिक होते हैं। इसमें मौजूद कॉपर, आयरन और अन्य औषधीय गुण सफेद बालों कि छुट्टी कर देते हैं हल्दी से बाल काले करने के लिए आप इसका हेयर मास्क और डाई भी बना सकते हैं।
-
स्कैल्प सोरायसिस: कच्ची हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक यौगिक अपने सूजनरोधी और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण स्कैल्प सोरायसिस और एक्जिमा के इलाज में बहुत कारगर है।
कच्ची हल्दी इस्तेमाल करने का तरीका?
कच्ची हल्दी को पीसकर पेस्ट बना लें और इसमें थोड़ा एलोवेरा जेल, नारियल तेल या शहद मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं। 30-45 मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से धो लें।