नई दिल्ली: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने कांग्रेस के तीन नेताओं जयराम रमेश, पवन खेड़ा और रागिनी नायक को आपराधिक मानहानि के एक मामले में 27 जुलाई 2026 को तलब किया है। यह मामला इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने दायर किया है। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 465 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग), 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत लगाए गए आरोपों पर यह समन जारी किया है।
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में क्या कहा?
कोर्ट ने अपने आदेश में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्टों से स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान बदलाव किए गए थे। इन वीडियो में शीर्षक और कैप्शन बाद में जोड़े गए थे, जो मूल वीडियो में मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि लाइव प्रसारण के दौरान मौजूद गवाहों ने अपने बयान में कहा कि शिकायतकर्ता ने कोई अपशब्द नहीं कहा था और न ही किसी प्रकार की आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। अदालत ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने एक संबंधित सिविल मुकदमे में पहले ही यह निष्कर्ष निकाला था कि प्रथमदृष्टया कोई अपशब्द या गाली-गलौज नहीं की गई थी। उसी मामले में कोर्ट ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट्स को हटाने का भी निर्देश दिया था।
कोर्ट ने कहा, 'प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि आरोपित व्यक्तियों ने मिलकर काम किया है'
साकेत कोर्ट की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास देवांशी जन्मेजा ने मानहानि केस पर आज दिए गए अपने आदेश में कहा, 'आरोपित व्यक्तियों रागिनी नायक, पवन खेड़ा और जयराम रमेश को 27 जुलाई 2026 को तलब करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड पर रखी गई सभी सामग्री को ध्यान में रखते हुए, प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि आरोपित व्यक्तियों ने मिलकर काम किया है ताकि शिकायतकर्ता (रजत शर्मा) की छवि को खराब किया जाए। उन्होंने ऐसा दिखाया कि शिकायतकर्ता ने आरोपित नंबर 1 (रागिनी नायक) के खिलाफ अपशब्द कहे थे।'
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में आगे कहा, 'आरोपित व्यक्तियों ने X पर बोले गए और प्रकाशित किए गए बयानों से, जो पढ़े जाने के लिए थे, शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानिकारक आरोप लगाए हैं। वे जानते थे कि इससे शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। कहने की जरूरत नहीं कि इस आदेश में कुछ भी इस मामले के अंतिम फैसले पर असर नहीं डालेगा, क्योंकि यह ट्रायल का विषय है। जैसा कि 3 आरोपित व्यक्तियों को कुछ घंटों के अंदर शिकायतकर्ता द्वारा कहे गए अपशब्दों के बारे में ट्वीट पोस्ट करते हुए देखा जा सकता है, जिसमें शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए गए थे, तो उनकी शिकायतकर्ता की छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने की साझा मंशा प्रथमदृष्टया समझी जा सकती है।'
अदालत के आदेश में कहा गया है, 'जालसाजी के अपराध की जांच के लिए, सीआरपीसी की धारा 202 के तहत एसएचओ पीएस जीके से रिपोर्ट मांगी गई थी, ताकि आरोपितों द्वारा पोस्ट किए गए कथित जाली दस्तावेजों (वीडियो) को एफएसएल द्वारा जांचा जाए और तय किया जाए कि आरोपितों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार हैं या नहीं। एफएसएल की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपितों द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में दृश्य परिवर्तन दिखाई देते हैं, क्योंकि उनमें टाइटल और कैप्शन मौजूद हैं, जो दर्शाते हैं कि वीडियो पोस्ट-प्रोडक्शन वीडियो फाइल है।'
क्या है इस केस का बैकग्राउंड?
यह मामला 4 जून 2024 का है, जब लोकसभा चुनाव के नतीजों की गिनती के दिन रजत शर्मा इंडिया टीवी पर एक शो होस्ट कर रहे थे। शो के दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तारीफ करते हुए कहा, 'अगर कांग्रेस को 90 सीटें मिलती हैं, तो इसे उनकी जीत माना जाएगा और अगर बीजेपी को 290 सीटें मिलती हैं, तो इसे उनकी हार माना जा सकता है।' इस पर कांग्रेस की प्रवक्ता रागिनी नायक ने रजत शर्मा के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। इसके जवाब में रजत शर्मा ने शो पर कहा कि वह उनके साथ बहस नहीं करना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ कांग्रेस पार्टी की जीत की बात कर रहे थे।
रजत शर्मा ने कहा कि इस शो की लाइव प्रसारण को लगभग 6.7 करोड़ लोगों ने देखा था और किसी ने भी शो पर उनके द्वारा इस्तेमाल की गई किसी अपशब्द की शिकायत नहीं की। शो के छह दिन बाद, 10 जून 2024 को रात 11:06 बजे, रागिनी नायक ने एक्स पर एक ट्वीट पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि रजत शर्मा ने उन्हें गाली दी थी। अपने ट्वीट के साथ रजत शर्मा ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एंकर की आवाज पर अपशब्द जोड़ दिया गया था, ताकि ऐसा लगे कि यह मूल लाइव प्रसारण का हिस्सा था।
आरोपित नंबर 2 पवन खेड़ा ने उसी रात लगभग 11:17 बजे रागिनी नायक के ट्वीट को रीट्वीट किया और इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि रजत शर्मा ने एक महिला राजनेता के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। अगली सुबह, 11 जून 2024 को लगभग 8 बजे, आरोपित नंबर 3 जयराम रमेश ने रागिनी नायक के झूठे ट्वीट को रीट्वीट किया और कहा कि शिकायतकर्ता का अपना राजनीतिक झुकाव हो सकती है, लेकिन उन्हें कांग्रेस की महिला प्रवक्ता को गाली नहीं देनी चाहिए थी और उन्हें बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। कोर्ट में रजत शर्मा ने कहा कि यह चौंकाने वाला था क्योंकि उन्होंने कभी शो पर अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था। वे रागिनी नायक के झूठ को साफ देख सकते थे क्योंकि उन्होंने ट्विटर पर कहा था कि उन्होंने इंडिया टीवी से रॉ फुटेज प्राप्त करके वीडियो पोस्ट किया है, जबकि लाइव शो के लिए कोई रॉ फुटेज नहीं होती।
रजत शर्मा ने कोर्ट में कहा कि रागिनी नायक ने इंडिया टीवी द्वारा प्रसारित फुटेज पर टेक्स्ट जोड़कर एक झूठा दस्तावेज बनाया था। बाद में रजत शर्मा को पता चला कि आरोपित रागिनी नायक और पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर 11 जून को दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस तय की थी। जब रजत शर्मा की कानूनी टीम ने सभी आरोपित व्यक्तियों को एक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं, तो आरोपितों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करने की घोषणा कर दी। इसके बाद, 11 जून 2024 को शाम 5 बजे रागिनी नायक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां उन्होंने वही झूठे आरोप दोहराए।
रागिनी नायक ने फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस का फुटेज ट्विटर पर पोस्ट किया, साथ में अपनी शिकायत की कॉपी भी, जिसमें आरोप दोहराए गए और कहा गया कि रजत शर्मा ने अब उन्हें धमकी दी है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कमेंट करना शुरू कर दिया और रजत शर्मा के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।