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एस पी वेंकटेश कौन थे? 70 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, इस वजह से संगीत निर्देशक की हुई मौत

 Published : Feb 03, 2026 03:49 pm IST,  Updated : Feb 03, 2026 03:55 pm IST

एस पी वेंकटेश के निधन के बाद उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ ला दी है। अब मलयालम म्यूजिक डायरेक्टर की मौत का कारण भी सामने आ चुका है।

S P Venkatesh death- India TV Hindi
एस पी वेंकटेश का निधन Image Source : X/@NUVAIDV

मशहूर दिग्गज म्यूजिक डायरेक्टर एस पी वेंकटेश का 3 फरवरी, 2026 को चेन्नई में उनके घर पर निधन हो गया। वह 70 साल के थे और खबरों के मुताबिक, उनकी मौत अचानक मेडिकल इमरजेंसी की वजह से हुई। वेंकटेश मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के गोल्डन एज ​​के एक बड़े नाम थे, जिन्होंने 150 से ज्यादा मलयालम फिल्मों के लिए म्यूजिक दिया और तमिल, कन्नड़, बंगाली और हिंदी में लगभग 500 गानों में योगदान दिया। उनके अचानक निधन से उनके परिवार, दोस्तों और फैंस को गहरा सदमा लगा है। उनकी मौत की वजह भी सामने आ चुकी है।

एस पी वेंकटेश की मौत की वजह क्या थी?

मशहूर कंपोजर एस पी वेंकटेश, जो 1980 और 90 के दशक में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में अपने बेहतरीन काम के लिए जाने जाते थे। उनका चेन्नई में अपने घर पर निधन हो गया। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट थी। वेंकटेश को 3 फरवरी, 2026 की सुबह और दोपहर के बीच यह जानलेवा दौरा पड़ा। मौत के समय या क्या उन्हें मौत से पहले कोई मेडिकल समस्या थी, इस बारे में खास जानकारी सार्वजनिक रूप से पता नहीं है।

एस पी वेंकटेश कौन थे?

एस पी वेंकटेश (1955–2026), जिन्हें अक्सर संगीतराजन के नाम से जाना जाता था। वे एक जाने-माने भारतीय संगीत निर्देशक और संगीतकार थे, जिन्होंने मलयालम सिनेमा के सुनहरे दौर में एक अहम भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद उनके फैंस और प्रियजन मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान और विरासत को याद कर रहे हैं। वेंकटेश अपनी धुनों को मॉडर्न ऑर्केस्ट्रा स्टाइल के साथ मिलाने के लिए मशहूर थे। खासकर अकूस्टिक गिटार, बास गिटार और वायलिन ऑर्केस्ट्रा का इस्तेमाल करके।

मलयालम इंडस्ट्री में वेंकटेश का यादगार योगदान

वेंकटेश ने 1985 में जनकीय कोडाथी से डेब्यू किया था, लेकिन उन्हें पहचान 1986 की हिट फिल्म 'राजाविंते मकन' से मिली, जिसे थम्पी कन्ननथानम ने डायरेक्ट किया था। इस सफलता के बाद वेंकटेश ने जोशी और डेनिस जोसेफ जैसे बड़े डायरेक्टर्स के साथ लंबे समय तक काम किया। मोहनलाल और ममूटी जैसे दिग्गज एक्टर्स के साथ उनके काम को बहुत सराहा गया और उनका काम आज भी फैंस के दिलों में बसा हुआ है। वेंकटेश को री-रिकॉर्डिंग बैकग्राउंड स्कोर का मास्टर माना जाता था। वेंकटेश अक्सर बड़ी फिल्मों के लिए बैकग्राउंड स्कोर बनाते थे। भले ही गाने दूसरे संगीतकार बनाते हों, जैसे कि कल्ट क्लासिक, देवसुरम (1993) में। एस पी वेंकटेश ने 150 से ज्यादा मलयालम फिल्मों के लिए संगीत दिया और मलयालम, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ सिनेमा में अपने करियर के दौरान लगभग 500 गाने कंपोज किए। 

वेंकटेश की कब होगी अंतिम यात्रा

एस पी वेंकटेश के निधन की खबर आई, उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत ने गहरा दुख व्यक्त किया। उनकी धुनों ने मलयालम सिनेमा के एक युग को परिभाषित किया था। उनकी अंतिम यात्रा 4 फरवरी, 2026 को अलापक्कम, चेन्नई में हुई है।

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