Money Plant Vastu: वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को धन-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना गया है। इन पौधों में से एक मनी प्लांट भी ऐसा ही पौधा है। वास्तु में मनी प्लांट को बहुत ही शुभ, सकारात्मक ऊर्जा और धन आकर्षित करने वाला माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जैसे-जैसे मनी प्लांट फलता-फूलता है घर में धन-दौलत की वृद्धि होती है। लेकिन मनी प्लांट से जुड़ी ये गलतियां आपको कंगाल भी कर सकती हैं। वास्तु में मनी प्लांट को लेकर कई जरूरी नियम बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं कि मनी प्लांट से जुड़ी कौनसी 3 बड़ी गलतियों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
मनी प्लांट से जुड़ी ये 3 गलतियां कभी भी न करें
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मनी प्लांट को हमेशा सही दिशा में रखना चाहिए। मनी प्लांट को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में नहीं लगाना चाहिए। इसके अलावा पूर्व-पश्चिम दिशा भी मनी प्लांट के लिए उचित दिशा नहीं है। इन दिशाओं में मनी प्लांट लगाने से आर्थिक स्थिति बिगड़ी है और रिश्तों में भी कड़वाहट आती है। मनी प्लांट लगाने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) दिशा सबसे उत्तम मानी गई है। इस दिशा में मनी प्लांट लगाने या रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
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मनी प्लांट एक तेजी से बढ़ने वाली बेल को अक्सर लोग इसे बिना किसी सहारे के छोड़ देते हैं, जिससे इसकी पत्तियां और बेलें जमीन पर फैलने लगती हैं। वास्तु में इसे बेहद अशुभ माना गया है। मनी प्लांट की बेल कभी भी जमीन को स्पर्श नहीं करना चाहिए। वास्तु के अनुसार, जमीन पर छूती हुई मनी प्लांट की बेलें सीधे तौर पर आपके धन के नुकसान और आर्थिक गिरावट को दर्शाती हैं। ऐसे में जैसे ही मनी प्लांट की बेलें बढ़ने लगें तो उन्हें किसी धागे, लकड़ी या मॉस स्टिक के सहारे ऊपर की ओर बढ़ने दें। ऊपर की ओर जाती हुई बेलें आपके करियर और बैंक बैलेंस को भी ऊपर ले जाती हैं।
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मनी प्लांट की खास देखभाल करें क्योंकि इसका सूखना या पत्तों का पीला पड़ना अच्छा नहीं माना जाता है। घर में सूखा या मुरझाया हुआ मनी प्लांट रखना दुर्भाग्य लाता है। यह घर में नकारात्मकता पैदा करता है, जिससे परिवार के बीच कलह होता है साथ ही पैसों का खर्च भी बढ़ने लगता है। अगर मनी प्लांट की कोई पत्ती पीली पड़ गई है या सूख गई है तो उसे तुरंत कैंची की मदद से काटकर हटा दें। ध्यान रखें कि सूखी पत्तियां तोड़ते समय पौधे को झटका न लगे। नियमित रूप से इसमें पानी दें और इसे हरा-भरा रखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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