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26 मई तक सामूहिक छुट्टी पर रहेंगे लखनऊ के वकील, पुलिस की कार्रवाई के विरोध में लिया फैसला

 Reported By: Ruchi Kumar, Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : May 21, 2026 07:42 am IST,  Updated : May 21, 2026 07:42 am IST

लखनऊ में 17 मई 2026 की पुलिस कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने 21 से 26 मई तक सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। अधिवक्ताओं ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, दर्ज मुकदमे वापस लेने और अधिवक्ताओं के हितों से जुड़ी कई मांगें उठाई हैं।

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पुलिस की कार्रवाई के विरोध में लखनऊ के वकील 26 मई तक छुट्टी पर रहेंगे। Image Source : PTI

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 17 मई 2026 को हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने बड़ा फैसला लेते हुए 26 मई तक सामूहिक छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं के हितों और सम्मान की रक्षा को लेकर बुधवार, 20 मई 2026 को सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं की संयुक्त आम सभा आयोजित की गई, जिसमें हजारों की संख्या में वकील शामिल हुए। सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले की सभी बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष, महामंत्री और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

26 मई तक रहेगा सामूहिक अवकाश

बैठक में अधिवक्ताओं के विचार सुनने और विस्तृत चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। सभा में तय किया गया कि 17 मई की घटना के विरोध में लखनऊ जनपद के सभी अधिवक्ता 21 मई 2026 से 26 मई 2026 तक पूर्ण रूप से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हैं। सभा में वकीलों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वकीलों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की मांग

अधिवक्ताओं ने वजीरगंज थाने में उनके खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की। इसके लिए शासन और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने को कहा गया है। संयुक्त आम सभा में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि सिविल कोर्ट स्थित पुरानी तहसील परिसर की भूमि सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ को लीज पर दी जाए। इसके अलावा पुराने हाई कोर्ट परिसर में कर्मचारियों के खाली पड़े आवास की भूमि अधिवक्ताओं के चैंबर और पार्किंग निर्माण के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई।

पैरवी के लिए अध्यक्ष और महामंत्री अधिकृत

हाई कोर्ट में लंबित याचिका की 25 मई 2026 को होने वाली सुनवाई के लिए सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल एडवोकेट और महामंत्री अवनीश दीक्षित एडवोकेट को अधिकृत किया गया है। दोनों नेता अधिवक्ताओं की ओर से अदालत में पक्ष रखेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि आंदोलन की अगली रणनीति प्रदेशभर के अधिवक्ताओं के साथ चर्चा के बाद तय की जाएगी। इसके लिए सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ ने 26 मई 2026 को दोपहर 2 बजे फिर आम सभा बुलाने का निर्णय लिया है।

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