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UPI से भारतीयों ने किया ₹230 लाख करोड़ का रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन, भारत से बाहर भी हो रहा इतने देशों में इस्तेमाल

 Published : Feb 03, 2026 08:28 pm IST,  Updated : Feb 03, 2026 08:28 pm IST

सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि UPI अब भारत से बाहर करेंसी कन्वर्ज़न के साथ आठ देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत के बाहर इसके विस्तार में काफी तेजी देखी जा रही है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज संसद में जानकारी दी।- India TV Hindi
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज संसद में जानकारी दी। Image Source : PIXABAY

डिजिटल पेमेंट में भारत लगातार नए रिकॉर्ड बनाए जा रहा है। इसी क्रम में यूपीआई से ट्रांजैक्शन में भारतीयों ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जबरदस्त उत्साह दिखाया है। सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI के माध्यम से किए गए लेनदेन का कुल मूल्य रिकॉर्ड 230 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि UPI के लेनदेन लगातार तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक UPI के जरिए 230 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हो चुके हैं, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा केवल 139 लाख करोड़ रुपये था।

UPI अब भारत से बाहर भी तेजी से फैल रहा

खबर के मुताबिक, मंत्री ने यह भी बताया कि UPI अब भारत से बाहर भी तेजी से फैल रहा है और करेंसी कन्वर्ज़न के साथ आठ देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां इसके संचालन में स्थानीय कानूनों का पालन किया जा रहा है। इससे पहले संसद में एक लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि वर्तमान में UPI भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका और UAE में काम कर रहा है।

दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली

वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) मिलकर UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। इनमें साझेदार देशों की फास्ट पेमेंट सिस्टम्स के साथ UPI को जोड़ना शामिल है, ताकि सीमा-पार व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) रेमिटेंस और यात्रा आधारित व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान आसान हो सके।

उन्होंने आगे बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की जून 2025 की रिपोर्ट ‘Growing Retail Digital Payments (The Value of Interoperability)’ में UPI को लेनदेन के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली के रूप में मान्यता दी गई है। इसके अलावा, ACI Worldwide की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम रिटेल पेमेंट्स में लगभग 49 फीसदी हिस्सेदारी UPI की है, जो इसकी वैश्विक ताकत और विस्तार को दर्शाती है।

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