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PhonePe IPO: 12,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाएगा फोनपे, सेबी से मिली मंजूरी

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jan 20, 2026 04:39 pm IST,  Updated : Jan 20, 2026 04:39 pm IST

अमेरिका की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट के निवेश वाली फिनटेक कंपनी फोनपे का आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस पर आधारित होगा, इसमें फ्रेश शेयर नहीं होंगे।

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वित्त वर्ष 2024-25 में फोनपे ने कमाया था 7115 करोड़ रुपये का रेवेन्यू Image Source : PHONEPE/INDIA TV

PhonePe IPO: डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे को आईपीओ लाने के लिए भारतीय प्रतिभूति विनिमय बाजार (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। अब कंपनी जल्द ही अपने आईपीओ से जुड़े पेपर्स (UDHRP) फाइल करेगी। सूत्रों ने ये जानकारी दी। इससे निकट भविष्य में भारत के सबसे बहुप्रतीक्षित फिनटेक कंपनी के लिए आईपीओ लाने का प्लेटफॉर्म तैयार हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक, ये किसी फिनटेक कंपनी द्वारा लाया जाने वाला देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ होगा। फोनपे अपने इस आईपीओ से करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। बताते चलें कि साल 2021 में पेटीएम ने आईपीओ से 18,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।

फोनपे के जरिए होता है सबसे ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन

अमेरिका की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट के निवेश वाली फिनटेक कंपनी फोनपे का आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस पर आधारित होगा, इसमें फ्रेश शेयर नहीं होंगे। फोनपे के प्रोमोटर ही इस आईपीओ में अपने शेयर बेचेंगे। यानी, कंपनी आईपीओ के माध्यम से कोई अतिरिक्त प्राथमिक पूंजी नहीं जुटाएगी। भारत में यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में फोनपे देश की सबसे बड़ी कंपनी है। करीब 45 प्रतिशत से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी के साथ फोनपे भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट को लीड कर रहा है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में कंपनी ने 9.8 अरब ट्रांजैक्शन हुए। फोनपे के जरिए हर महीने औसतन 10 अरब ट्रांजैक्शन होते हैं, जिनके जरिए करीब 12 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन होता है।

वित्त वर्ष 2024-25 में फोनपे ने कमाया था 7115 करोड़ रुपये का रेवेन्यू

कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 7115 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया था। घरेलू शेयर बाजार में फोनपे के लिस्ट होने से भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम होगी अैर अन्य फिनटेक कंपनियों के लिए भी पब्लिक मार्केट में आने का रास्ता साफ होगा। बिजनेस में अच्छे-खासे डाइवर्सिफिकेशन के बावजूद, डिजिटल पेमेंट्स ही PhonePe की ग्रोथ में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और इसके कुल रेवेन्यू का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा डिजिटल पेमेंट से ही आता है।

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