रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स यानी RNI में भारत को 154 देशों में 16वां स्थान मिला है। खास बात यह है कि इस इंडेक्स में अमेरिका और चीन जैसे देश भारत से पीछे हैं। यह नया वैश्विक सूचकांक इस बात का मूल्यांकन करता है कि कोई देश अपनी आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक शक्ति का उपयोग अपने नागरिकों, पर्यावरण और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति कितनी जिम्मेदारी से करता है। इस रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर रहा है, जबकि स्विट्जरलैंड दूसरे और डेनमार्क तीसरे स्थान पर हैं। इस इंडेक्स को सोमवार को लॉन्च किया गया। रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स, वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन की पहल है और यह तीन वर्षों तक चले गहन अकादमिक और नीति-आधारित अध्ययन का नतीजा है।
इस इंडेक्स के लाने का उद्देश्य
रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स का मकसद देशों को आंकने के पारंपरिक वैश्विक नजरिए में बदलाव लाना है। यह इंडेक्स इस धारणा पर आधारित है कि जिम्मेदारी के बिना शक्ति स्थायी समृद्धि नहीं ला सकती। इंडेक्स के अनुसार, किसी देश की प्रगति को केवल उसकी आर्थिक या सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि इस बात से मापा जाना चाहिए कि वह अपनी शक्ति का उपयोग कितनी निष्पक्षता, नैतिकता और सतत तरीके से करता है। इंडेक्स के लॉन्च अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि यह फ्रेमवर्क जिम्मेदार राष्ट्र की स्पष्ट परिभाषा पेश करता है।
कोविंद ने कहा कि यह इंडेक्स एक अभिनव अकादमिक पहल है, जो यह तय करती है कि जिम्मेदार राष्ट्र किसे कहा जाए। यह दिखाता है कि कोई देश अपने नागरिकों और पूरी मानवता के प्रति कितना उत्तरदायी व्यवहार करता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक बेहद अहम कदम है।
शक्ति-केंद्रित सोच से जिम्मेदारी-केंद्रित मूल्यांकन की ओर
वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के संस्थापक और सचिव सुधांशु मित्तल ने कहा कि रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स वैश्विक मूल्यांकन के तरीके में पावर-सेंट्रिक अप्रोच से जिम्मेदारी-केंद्रित सोच की ओर बड़ा बदलाव दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह इंडेक्स एक मूल सवाल उठाता है-देश अपनी शक्ति और संसाधनों का इस्तेमाल किस उद्देश्य और किस दिशा में कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जिम्मेदारी के बिना समृद्धि लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकती। इस इंडेक्स का उद्देश्य नैतिक शासन, मानवीय विकास और जिम्मेदार वैश्विक आचरण को बढ़ावा देना है।

इंडेक्स में टॉप 20 देश
सिंगापुर
स्विट्जरलैंड
डेनमार्क
साइप्रस
स्वीडन
6–10: बेल्जियम, जॉर्जिया, चेकिया, ऑस्ट्रिया, क्रोएशिया
11–15: जर्मनी, पुर्तगाल, बुल्गारिया, आयरलैंड, नॉर्वे
16 - भारत
17–20: इटली, फ्रांस, अल्बानिया, पोलैंड
इस रैंकिंग में अमेरिका 66वें, चीन 68वें और रूस 96वें स्थान पर हैं।
जापान 38वें, ब्रिटेन 25वें, ब्राजील 81वें, दक्षिण अफ्रीका 88वें और मैक्सिको 70वें स्थान पर रहे।
रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स कैसे तैयार किया गया?
खबर के मुताबिक, इसे तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
आंतरिक जिम्मेदारी: देश अपने नागरिकों की गरिमा, कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति कितनी जिम्मेदारी निभाता है।
पर्यावरणीय जिम्मेदारी: पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता।
बाहरी जिम्मेदारी: अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का व्यवहार और वैश्विक व्यवस्था में उसका योगदान।
इन तीनों स्तंभों को 7 प्रमुख आयामों और कुल 58 संकेतकों के माध्यम से मापा गया है। इनमें जीवन की गुणवत्ता, शासन व्यवस्था, सामाजिक न्याय, आर्थिक प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण, शांति के प्रति प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध शामिल हैं। इंडेक्स में विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, आईएमएफ, डब्ल्यूएचओ, एफएओ, आईएलओ और वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के 2023 तक के नवीनतम आंकड़ों का उपयोग किया गया है।






































