साल 2025 का आखिरी महीना ऑटो सेक्टर के लिए जहां बिक्री के लिहाज से काफी उत्साहजनक रहा, वहीं कुछ कार कंपनियों के लिए दिसंबर किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। त्योहारों, साल के अंत के ऑफर्स और नए मॉडल्स की धूम के बीच कुछ ऐसी कारें भी रहीं, जिनके शोरूम में पूरे महीने सन्नाटा पसरा रहा। हैरानी की बात यह है कि ये कारें किसी छोटी या अनजान कंपनी की नहीं, बल्कि देश-विदेश की बड़ी ऑटो ब्रांड्स की हैं, जिन्हें दिसंबर 2025 में एक भी खरीदार नहीं मिला।
ऑटो इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में भारत में कुल 6 ऐसी कारें रहीं, जिनकी एक भी यूनिट नहीं बिकी। यह स्थिति तब सामने आई है, जब बाजार में टाटा सिएरा (Sierra) और महिंद्रा XUV 7XO जैसे नए और आकर्षक मॉडल्स ने ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इन नई SUVs की आंधी में कई प्रीमियम और परफॉर्मेंस कारें पूरी तरह पिछड़ती नजर आईं।
किआ-MG को झटका
सबसे चौंकाने वाला नाम किआ इंडिया का रहा। कंपनी की दो प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUVs Kia EV6 और Kia EV9 दिसंबर में जीरो सेल पर रहीं। लाखों रुपये की कीमत, सीमित चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कड़े मुकाबले ने इन EVs को ग्राहकों से दूर कर दिया। इसी तरह, JSW MG Motor की फुलसाइज SUV Gloster भी टोयोटा फॉर्च्यूनर की लोकप्रियता के आगे टिक नहीं पाई और एक भी ग्राहक नहीं जुटा सकी।
प्रीमियम कारें फेल
निसान इंडिया की वापसी की उम्मीदों को भी झटका लगा। कंपनी की प्रीमियम SUV Nissan X-Trail दिसंबर में खरीदारों को आकर्षित करने में नाकाम रही। इसके अलावा, स्कोडा ऑक्टेविया RS और फॉक्सवैगन गोल्फ GTI जैसी परफॉर्मेंस कारें भी जीरो सेल क्लब में शामिल रहीं। हालांकि, ये दोनों मॉडल सीमित स्टॉक में आए थे, लेकिन ऊंची कीमत और सीमित टारगेट ऑडियंस की वजह से इनकी बिक्री ठप रही।
क्यों नहीं बिकीं कारें
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कारों की बिक्री न होने की बड़ी वजह बाजार में मौजूद मजबूत ऑप्शन हैं। जहां एक ओर Sierra और XUV 7XO जैसी नई SUVs दमदार फीचर्स, बेहतर कीमत और ज्यादा वैल्यू फॉर मनी का दावा कर रही हैं, वहीं महंगी प्रीमियम और इलेक्ट्रिक कारें आम ग्राहकों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।



































