पूर्वोत्तर भारत को देश की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 18 जनवरी को असम को दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी। इन ट्रेनों के शुरू होने से न सिर्फ असम और उत्तर भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों से भी सीधा और किफायती संपर्क स्थापित होगा। रेलवे के इस कदम को पूर्वोत्तर के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
डिब्रूगढ़-गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस
प्रधानमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाई गई पहली ट्रेन डिब्रूगढ़-गोमतीनगर (लखनऊ) अमृत भारत एक्सप्रेस है। यह साप्ताहिक ट्रेन (15949) हर शुक्रवार रात 9 बजे डिब्रूगढ़ से रवाना होगी और रविवार दोपहर 1:30 बजे गोमतीनगर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन (15950) रविवार शाम 6:40 बजे गोमतीनगर से चलेगी और मंगलवार दोपहर 12:40 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचेगी। यह ट्रेन असम, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। असम में मराणहाट, शिमलगुड़ी, मरियानी, फरकाटिंग, दीमापुर, दिफू, लामडिंग, होजाई, गुवाहाटी, कामाख्या, रंगिया, नलबाड़ी, बरपेटा रोड और कोकराझार जैसे स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा। वहीं बिहार में न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कोचबिहार, किशनगंज, कटिहार, नवगछिया, खगड़िया, बेगूसराय और बरौनी सहित कई स्टेशनों से होते हुए ट्रेन उत्तर प्रदेश में हाजीपुर, छपरा, सिवान, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट और बाराबंकी तक पहुंचेगी।
कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस
दूसरी ट्रेन कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस है, जो असम के प्रमुख धार्मिक केंद्र कामाख्या को हरियाणा के रोहतक से जोड़ेगी। यह साप्ताहिक सेवा शुक्रवार रात 10 बजे कामाख्या से रवाना होकर रविवार दोपहर 2:45 बजे रोहतक पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रविवार रात 10:10 बजे रोहतक से चलकर मंगलवार दोपहर 12:15 बजे कामाख्या पहुंचेगी। यह ट्रेन असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों से होकर गुजरेगी। इससे कामाख्या मंदिर, वाराणसी के गंगा घाट जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
आम यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कोच डिजाइन और किफायती किराये के साथ तैयार किया गया है। इन दोनों ट्रेनों के शुरू होने से पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के बीच यात्रा न सिर्फ आसान होगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। रेलवे की यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को और मजबूत करती नजर आ रही है।






































