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ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर ने बंद किया LNG उत्पादन, गैस सप्लाई में 40% तक की कटौती

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Mar 03, 2026 08:22 pm IST,  Updated : Mar 03, 2026 08:22 pm IST

गैस इंपोर्टिंग कंपनी 'पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड' ने गैस मार्केटिंग कंपनियों को सूचित किया है कि इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर लगातार किए जा रहे हमलों के बाद कतर ने अपना एलएनजी उत्पादन बंद कर दिया है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल और एलएनजी की आवाजाही लगभग ठप Image Source : PETRONET LNG

भारत को प्राकृतिक गैस की सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने गैस सप्लाई पर 'फोर्स मेज्योर' (अपरिहार्य परिस्थिति) घोषित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ईरानी ड्रोन हमले के बाद उत्पादन ठप होने के कारण ये कदम उठाया गया है, जिससे भारतीय उद्योगों को होने वाली गैस सप्लाई में 40 प्रतिशत तक की कमी आई है। कतर, भारत द्वारा हर साल इंपोर्ट किए जाने वाले लगभग 2.7 करोड़ टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई करता है। इस गैस का इस्तेमाल बिजली और उर्वरक बनाने से लेकर वाहनों में इस्तेमाल होने वाले CNG और पाइप वाली रसोई गैस (PNG) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में होता है। 

होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल और एलएनजी की आवाजाही लगभग ठप

सूत्रों ने बताया कि गैस इंपोर्टिंग कंपनी 'पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड' ने गैस मार्केटिंग कंपनियों को सूचित किया है कि इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर लगातार किए जा रहे हमलों के बाद कतर ने अपना एलएनजी उत्पादन बंद कर दिया है। इन हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली तेल और एलएनजी की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है और युद्ध-जोखिम बीमा के साथ-साथ शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को कंट्रोल करता है, जो ऊर्जा व्यापार और परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। भारत के कच्चे तेल के आयात का लगभग 50 प्रतिशत और एलएनजी सप्लाई का लगभग 54 प्रतिशत इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ये न केवल कतर बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आने वाली एलएनजी के लिए भी मुख्य मार्ग है।

पेट्रोनेट ने गेल और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को दी सप्लाई ठप होने की जानकारी

सूत्रों ने बताया कि पेट्रोनेट ने अपने खरीदारों गेल (इंडिया) लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को कतर से सप्लाई ठप होने की जानकारी दी है। इसके बाद गैस मार्केटिंग कंपनियों ने सीएनजी की खुदरा बिक्री को प्रभावित किए बिना इंडस्ट्री को दी जाने वाली गैस सप्लाई में कटौती कर दी है। ये कटौती 10 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच है। पेट्रोनेट के पास कतर से सालाना 85 लाख टन एलएनजी खरीदने का दीर्घकालिक अनुबंध है। इसके अलावा, पेट्रोनेट हाजिर बाजार से भी कतर की एलएनजी खरीदता है। पेट्रोनेट के अलावा, आईओसी जैसी कंपनियों के यूएई के साथ भी एलएनजी आयात अनुबंध हैं। सूत्रों के अनुसार, गेल और इंडियन ऑयल इस कमी को पूरा करने के लिए हाजिर बाजार से गैस खरीदने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन वहां कीमतें काफी बढ़ गई हैं। 

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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