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नेट Direct Tax कलेक्शन में तेज उछाल, 10 फरवरी तक 19.44 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जानें डिटेल

 Published : Feb 11, 2026 08:17 pm IST,  Updated : Feb 11, 2026 08:28 pm IST

आयकर विभाग ने बुधवार को 10 फरवरी तक के नेट Direct Tax कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। यह एक ऐसा टैक्स है जिसे करदाता सीधे सरकार को चुकाता है।

कर रिफंड में 18.82 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 3.34 लाख करोड़ रुपये तक रह गया।- India TV Hindi
कर रिफंड में 18.82 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 3.34 लाख करोड़ रुपये तक रह गया। Image Source : FREEPIK

भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक (10 फरवरी तक) नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। यह 9.4 प्रतिशत बढ़कर 19.44 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था में निरंतर मजबूती, बेहतर टैक्स अनुपालन, व्यक्तिगत और गैर-कॉर्पोरेट करदाताओं से बढ़ती आय और रिफंड में नियंत्रित वृद्धि का संकेत देता है। वित्त वर्ष के अंतिम चरण में यह प्रदर्शन बजट लक्ष्यों की प्राप्ति और देश की राजकोषीय स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जो भारत की आर्थिक स्थिरता और विकास गति को दर्शाता है।

नेट कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह 14.51 प्रतिशत बढ़ा

आयकर विभाग द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, नेट कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह 14.51 प्रतिशत बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स, जिसमें व्यक्तिगत करदाता और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) शामिल हैं, में 5.91 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 10.03 लाख करोड़ रुपये रहा। सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स यानी STT का संग्रह 1 अप्रैल से 10 फरवरी के बीच 50,279 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग स्थिर है।

ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन कितना हुआ

कर रिफंड में 18.82 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 3.34 लाख करोड़ रुपये तक रह गया। ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन इस अवधि में 4.09 प्रतिशत बढ़कर 22.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें ग्रॉस कॉर्पोरेट टैक्स और नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स क्रमशः 10.88 लाख करोड़ रुपये और 11.39 लाख करोड़ रुपये रहे। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (Revised Estimates) में डायरेक्ट टैक्स संग्रह को 24.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान लगाया है।

क्या होता है डायरेक्ट टैक्स

डायरेक्ट टैक्स एक प्रकार का टैक्स है, जिसे प्रत्यक्ष रूप से करदाता पर लगाया जाता है और इसे करदाता सीधे सरकार को चुकाता है। यह कर उन व्यक्तियों (व्यक्तिगत या कानूनी) पर लगाया जाता है जिन पर यह लागू होता है। डायरेक्ट टैक्स की खास बात यह है कि इस कर को करदाता किसी और पर नहीं डाल सकता। यानी यह कर पूरी तरह करदाता द्वारा वहन किया जाता है और इसे अन्य किसी व्यक्ति या संगठन को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए आयकर, संपत्ति कर और कॉर्पोरेट टैक्स डायरेक्ट टैक्स के प्रमुख उदाहरण हैं। यह कर प्रणाली सरकार को सीधे राजस्व जुटाने का एक प्रभावी साधन प्रदान करती है और करदाता की आय या संपत्ति के आधार पर लागू होती है।

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