Google Tap to Share: ऐसा लगता है कि Google आपके लिए फाइलों को तेजी से शेयर करना आखिरकार आसान बनाने जा रहा है। एंड्रॉइड अथॉरिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी 'टैप टू शेयर' नाम से एक नए फीचर पर काम कर रही है। इस फीचर को लाने के पीछे गूगल का आइडिया है कि दो फोन के बीच फाइल ट्रांसफर के काम को कैसे आसान बनाया जाए और इसको कम से कम स्टेप्स में पूरा किया जा सके।
क्विक शेयर पर बेस्ड है नया फीचर
यह आपको iPhone के एयरड्रॉप (AirDrop) की तरह ही दो फोन को पास लाकर फाइलें ट्रांसफर करने देगा। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि यह फीचर क्विक शेयर पर बेस्ड है। इसे एंड्रॉइड 17 और सैमसंग के One UI 9 के शुरुआती बिल्ड में देखा गया है। हालांकि यह अभी भी डेवलपमेंट के फेज में है।
'टैप टू शेयर' कैसे काम कर सकता है
फिलहाल क्विक शेयर (Quick Share) के जरिए फाइलें ट्रांसफर करने के लिए कुछ स्टेप्स की जरूरत होती है। इसके तहत सबसे पहले आपको फाइलें सेलेक्ट करनी होती हैं, फिर डिवाइस सेलेक्ट करनी होती है और फिर कन्फर्म ट्रांसफर करना होता है जो कि एक लंबा प्रोसेस है। 'टैप टू शेयर' के इस नए फीचर से यह प्रोसेस ज्यादा ईजी और कम समय लेने वाला साबित हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके काम करने के तरीके के बारे में बताया गया है जिसके मुताबिक यूजर्स बस डिवाइस को टैप या पास ला सकते हैं और ट्रांसफर ऑटोमैटिक तौर पर चालू हो जाएगा। सिस्टम आस-पास के डिवाइसों का पता लगाने के लिए NFC का इस्तेमाल कर सकता है, जबकि रियल फाइल ट्रांसफर वायरलेस कनेक्टिविटी का उपयोग करके बैकग्राउंड में होगा। कुल मिलाकर इसका उद्देश्य AirDrop जैसी आसान फैसिलिटी को एंड्रॉइड डिवाइसों के लिए मुहैया कराना है।
कई ब्रांडों में फीचर के शुरू होने की उम्मीद
इसके शुरुआती वर्जन हालांकि सैमसंग के One UI बिल्ड्स में देखे गए थे, लेकिन उम्मीद है कि आगे चलकर ये एंड्रॉइड के बेसिक सिस्टम का हिस्सा बन जाएगी। इसका मतलब है कि यह सुविधा सिर्फ सैमसंग के गैलेक्सी फोन तक ही नहीं रहेगी, बल्कि कई अन्य ब्रांडों में भी अवेलेबल हो सकती है। ऐसे भी हिंट मिल रहे हैं कि गूगल और सैमसंग इस पर मिलकर काम कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह फीचर सभी डिवाइस पर एक जैसा रहेगा और किसी खास ब्रांड तक लिमिटेड नहीं रहेगा।
गूगल बना रहा क्रॉस-डिवाइस शेयरिंग को आसान
Quick Share में यह पहला बदलाव नहीं है। पिछले कुछ महीनों से गूगल क्रॉस-डिवाइस शेयरिंग को बेहतर बना रहा है, जिसमें नॉन-एंड्रॉइड डिवाइसेज के साथ बेहतर कंपेटेबिलिटी भी शामिल है। नया टैप टू शेयर फीचर इसी दिशा में अगला कदम लगता है जिसके जरिए फाइल ट्रांसफर का काम तेज हो जाएगा और इसके स्टेप्स कम हो जाएंगे। ध्यान रखें कि पहले यह सुविधा एप्पल के NameDrop की तरह एक कॉन्टैक्ट शेयरिंग टूल के रूप में शुरू हुई थी। हालांकि अब ऐसा लगता है कि यह एक कंप्लीट फाइल शेयरिंग सिस्टम में डेवलप हो रही है।
कब तक आ जाएगा टैप टू शेयर
अगर यह फीचर आसानी से अवेलेबल हो जाता है तो यह डिवाइसेज में फाइल शेयरिंग की दिक्कत को खत्म कर सकती है जो एंड्रॉइड की एक पुरानी परेशानी है। हालांकि 'टैप टू शेयर' अभी भी डेवलप हो रहा है इसलिए इसकी रिलीज की कोई तयशुदा डेडलाइन अभी तक पक्की नहीं है।
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