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आयुर्वेद के हिसाब से गर्मी में क्या खाना चाहिए, कौन सा भोजन गर्मियों में खाने के लिए बेस्ट है

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : May 27, 2026 11:50 am IST,  Updated : May 27, 2026 11:50 am IST

Food In Summer According To Ayurveda: आयुर्वेद के हिसाब से गर्मी में आहार और लाइफस्टाइल बदलने से बीमारियों से बचे रह सकते हैं। जानिए गर्मियों में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए?

आयुर्वेद के हिसाब से गर्मी में क्या खाएं- India TV Hindi
आयुर्वेद के हिसाब से गर्मी में क्या खाएं Image Source : INDIA TV

आयुर्वेद के अनुसार हर मौसम शरीर में अलग-अलग बदलाव लाता है। इसलिए स्वस्थ रहने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए आयुर्वेद में यह सलाह दी जाती है कि लोगों को ऋतु अनुसार आहार खाना चाहिए। इसका मतलब है कि आपको मौसम के हिसाब से भोजन चुनना चाहिए। गर्मियों के मौसम को "ग्रीष्म ऋतु" के नाम से जाना जाता है। इस दौरान हमारे शरीर को गर्मी, डिहाइड्रेशन, सुस्ती और बढ़े हुए पित्त दोष जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहने के लिए ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जिसमें शरीर को फिर से जीवंत करने और पोषण देने की शक्ति हो।

गर्मियों में कैसा खाना खाएं

गर्मियों के मौसम में सूरज की गर्मी बहुत ज़्यादा होती है। इससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है। लिक्विड कम होने से कमजोरी और सुस्ती महसूस होती है। इसलिए इस मौसम में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि भारी भोजन करने से आपको अपने शरीर के अंदर ज़्यादा गर्मी महसूस हो सकती है। मौसम के अनुसार भोजन का सेवन करने से आप पूरी गर्मियों में तरोताज़ा और ठंडा महसूस करते हैं। इसके साथ ही, यह आपकी पाचन शक्ति को बेहतर बनाता है और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में क्या खाएं

मौसमी फल- मौसमी फलों में पानी की मात्रा हमेशा अधिक होती है और इसलिए ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते हैं। गर्मियों में तरबूज, खरबूज़ा, आम, खीरा, अनार और नारियल पानी का सेवन करना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे शरीर में पानी की पूरी होती है। ये फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं और बॉडी को हाइड्रेट और पोषित करते हैं।

प्राकृतिक ठंडक देने वाले पेय- आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार, हमें बाज़ार में मिलने वाले पेय पदार्थों के बजाय प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। मार्केट में मिलने वाले ठंडे ड्रिंक सिर्फ शुगर होते हैं। इससे शरीर को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। बेहतर होगा गर्मियों में आप लस्सी, ताज़ा नींबू का रस, बेल का शरबत, आम पन्ना, गुलाब जल और सौंफ के पानी जैसे पेय पदार्थ पीएं। भुने जीरे के साथ पुदीना छाछ पीएं।

हल्का भोजन करें- गर्मियों में पाचन शक्ति कम हो जाती है, इसलिए भोजन ऐसा होना चाहिए जो आसानी से पच जाए। खाने में खिचड़ी, चावल, मूंग दाल, सब्जियों का सूप और हल्की पकी हुई सब्जियों जैसे कुछ खाद्य पदार्थ खाएं। इसके साथ ही धनिया, सौंफ, पुदीना और इलायची जैसी मसालों का इस्तेमाल करें। ये मसाले पित्त दोष को नियंत्रित करने और पाचन को बेहतर बनाने के लिए अच्छे होते हैं।

घी का सेवन कम करें- आयुर्वेद के अनुसार, गर्मियों में शुद्ध देसी घी का सेवन कम मात्रा में करना अच्छा माना जाता है। घी शरीर की ताकत बढ़ाता है। सीमित मात्रा में घी शरीर की अत्यधिक गर्मी को कम करता है। 

गर्मियों में क्या नहीं खाना चाहिए?

  • मसालेदार और ऑयली खाना
  • तले हुए नाश्ते वाले स्नैक्स
  • फास्ट फूड
  • चाय, कॉफी 
  • शराब का अत्यधिक सेवन
  • ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें नमक और खट्टापन बहुत ज़्यादा हो

ये सभी चीजें शरीर की गर्मी, एसिडिटी, डिहाइड्रेशन और पेट से संबंधित बीमारियों को बढ़ाती हैं। आयुर्वेद में कहा जाता है कि गर्मी में खाने-पीने की आदतों के अलावा, शांत और स्थिर जीवनशैली अपनाकर मौसम के असर को कम किया जा सकता है। दिन की तेज धूप में सीधे न निकलें। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, पूरी नींद लें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। योग और ध्यान का अभ्यास भी गर्मियों में एक संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देता है।

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