पानी में तैरते कचरे के एक छोटे से टुकड़े ने सिविक सेंस और विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों की जिम्मेदारी को लेकर एक जानी-मानी बहस छेड़ दी है। सिंगापुर में रहने वाली एक भारतीय महिला ने एक लोकप्रिय जगह का वीडियो शेयर किया जो कि तुरंत वायरल हो गया। इसमें पानी में कुरकुरे का एक खाली पैकेट तैरता हुआ दिखाई दे रहा था, जबकि पानी में कोई अन्य प्लास्टिक रैपर नजर नहीं आ रहा था। गौरतलब है कि इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि क्या किसी भारतीय ने कुरकुरे का रैपर पानी में फेंका था।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @justflowwithjuhi नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया कि, 'इसे पानी में तैरता हुआ देखना दिल दहला देने वाला था।' सिंगापुर में दुनिया के पहले तैरते हुए एप्पल स्टोर के पास फिल्माए गए इस वीडियो में, फेंका हुआ स्नैक पैकेट साफ पानी में तैरता हुआ दिखाई दे रहा था, जिसमें कुछ टहनियां और फूलों की पंखुड़ियां भी थीं। उन्होंने पूछा, 'क्या यह यहां होना चाहिए?' इस दृश्य को देखकर निराश हुई महिला ने इसका उदाहरण देते हुए अपने देशवासियों को याद दिलाया कि स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है, चाहे हम कहीं भी रहते हों या यात्रा करते हों। उन्होंने कहा, 'हममें से प्रत्येक की अपने परिवेश और पृथ्वी के प्रति जिम्मेदारी है। हमें अपने कार्यों और पर्यावरण पर उनके प्रभाव के प्रति सचेत रहना होगा। अगर आप पर्यटक हैं और अपने साथ स्नैक्स ले जा रहे हैं तो कृपया कूड़ेदान का इस्तेमाल करें, वे हर जगह मौजूद हैं। इस तरह का व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट ने तेजी से यूजर्स का ध्यान आकर्षित किया और कई यूजर्स ने इस बात पर सहमति जताई कि विदेशों में भारतीयों द्वारा कूड़ा फेंकना न केवल सार्वजनिक स्थानों को गंदा करता है बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है और आगंतुकों पर बुरा प्रभाव डालता है।
एक यूजर ने लिखा कि, 'वाह, सिंगापुर भी नहीं बचा। हम सचमुच जलकर राख हो गए हैं।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'हम जहां जाते हैं अपनी छाप वहां छोड़ कर आते हैं।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'मैं अब अपने देश की रक्षा भी नहीं कर सकता।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'जिस किसी ने भी यह किया है, उसे अपने घर से बाहर कदम रखने की भी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए!'
पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'यह विशेष स्वाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध है, इसलिए यह स्थानीय ही होगा।'
वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, 'बाकी कचरे का क्या? आप लोग सिर्फ कुरकुरे को ही देख रहे हैं?'
एक और यूजर ने लिखा कि, 'तो क्या खाली पैकेट, अन्य हल्का कचरा कूड़ेदान से उड़कर दूर नहीं जा सकता? इसमें तर्क क्या है?'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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