नींद आना आसान लगता है, लेकिन जब आपका दिमाग अचानक रात के 2 बजे ख्यालों में खो जाए, सालों पुरानी बातें या करने लगे, तो वापस नींद में जाना मुश्किल हो जाता है। एक बार नींद टूट जाए तो दोबारा आने में घंटों बीत जाते हैं। बहुत से लोग नींद में खलल, आधी रात को अचानक जागने या घंटों तक जागते रहने जैसी समस्याओं से जूझते हैं। ऐसा होने से न सिर्फ आपकी रात खराब होती है बल्कि अगले दिन सुबह आप खुद को कहीं ज्यादा थका हुआ महसूस करते हैं। अगर आपको भी ऐसी समस्या रहती है तो सावधान हो जाना चाहिए। क्योंकि लंबे समय में ये परेशानी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन सकती है।
इसी वजह से कई लोग नींद की गोलियों या सप्लीमेंट्स पर निर्भर होने लगते हैं। लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन के अनुसार, रात में खाने की एक छोटी सी आदत नेचुरली आपकी नींद को सुधारने में मदद कर सकती है। हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो में, उन्होंने बताया कि रात में एक चम्मच पीनट बटर खाने से नींद की क्वालिटी में सुधार कैसे हो सकता है।
पीनट बटर नींद में क्यों मददगार है?
दीपशिखा के अनुसार, पीनट बटर में कुछ ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो आराम, स्थिर ऊर्जा स्तर और ओवरऑल रिलेक्स करने में, बेहतर नींद में मदद कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि रात में बार-बार नींद टूटने का एक मुख्य कारण ब्लड शुगर का अस्थिर स्तर है। आधी रात या सुबह 3 बजे जागने का कारण यह है कि आपका ब्लड शुगर लेवल अचानक गिर जाता है और पीनट बटर खाने से वास्तव में आपका ब्लड शुगर लेवल स्थिर हो सकता है और इस गिरावट को रोका जा सकता है।
पीनट बटर में क्या क्या पाया जाता है?
पीनट बटर में हेल्दी फैट होता है, जो ग्लूकोज के अचानक उतार-चढ़ाव को धीमा करने और रात के दौरान ऊर्जा की कमी को रोकने में मदद कर सकता है। जैन ने मूंगफली के मक्खन में पाए जाने वाले एक अमीनो एसिड ट्रिप्टोफैन की ओर भी इशारा किया। उनके अनुसार, ट्रिप्टोफैन दिमाग में सेरोटोनिन के उत्पादन में मदद करता है। सेरोटोनिन को अक्सर शांति और रिलेक्स से जोड़ा जाता है, जिससे लोगों को आसानी से नींद आने में मदद मिल सकती है।
दिमाग को रिलेक्स करते हैं ट्रिप्टोफैन और मैग्नीशिय
उन्होंने बताया, 'मूंगफली का मक्खन ट्रिप्टोफैन और मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत है। ये दो पोषक तत्व गहरी नींद के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये वास्तव में शांत करने वाले हार्मोन सेरोटोनिन के उत्पादन में मदद कर सकते हैं और आपको बच्चे की तरह सोने में मदद कर सकते हैं। ट्रिप्टोफैन के साथ-साथ पीनट बटर में मैग्नीशियम भी होता है। मैग्नीशियम को आमतौर पर तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों को आराम देने से जोड़ा जाता है। यह मांसपेशियों में ऐंठन को कम करने और गहरी नींद लाने में भी मदद कर सकता है। यही कारण है कि कई लोग अपने शाम के आहार में मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करते हैं।
गहरी नींद के लिए कब खाना चाहिए पीनट बटर?
न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि उन्होंने खुद सोने से पहले पीनट बटर खाना शुरू कर दिया है और अब उन्हें एक बच्चे की तरह नींद आती है। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा पीनट बटर खाने की जरूरत नहीं है। आप रात में थोड़ी मात्रा में सेवन करेंगे तो भी आपकी नींद में सुधार आएगा। रात में बार-बार नींद नहीं टूटेगी और आप चैन की नींद सो पाएंगे।