एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ऑपरेटरों से उपलब्ध फ्यूल स्टॉक और अगले 7 दिनों के लिए अनुमानित जरूरत की जानकारी देने को कहा है। सूत्रों ने मंगलवार को ये जानकारी दी। AAI द्वारा जारी किए गए ये निर्देश पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में आया है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है। एक सूत्र ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर ईंधन आपूर्ति की स्थिति को स्पष्ट रूप से समझने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर ये विवरण मांगे गए हैं।
भारत में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरू समेत कुल 33 इंटरनेशनल एयरपोर्ट
सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि नागर विमानन मंत्रालय के निर्देशों के बाद, एएआई ने सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ऑपरेटरों से वर्तमान फ्यूल सप्लाई के स्टेटस की डिटेल्स मांगी है। ऑपरेटरों से औसत दैनिक ईंधन खपत, अगले 7 दिनों के लिए अनुमानित ईंधन आवश्यकता और अगली निर्धारित ईंधन आपूर्ति की तारीख की जानकारी देने के लिए भी कहा गया है। बताते चलें कि भारत में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई समेत कुल 33 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। नागर विमानन मंत्रालय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च को देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से 355 फ्लाइट्स रवाना हुईं और 344 फ्लाइट्स ने भारत में लैंड किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों पर हुआ हमला
अलग-अलग रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल एनर्जी ट्रांसपोर्ट के प्रमुख रूट होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाज हमले की चपेट में आए हैं। विश्व के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल के निर्यात का लगभग एक-तिहाई और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की खेप का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ही गुजरता है। होर्मुज जलडमरूमध्य ओमान और ईरान के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।



































