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Post Office में ₹3,00,000 जमा करें तो ₹1,23,000 मिलेगा रिटर्न, जानें कौन सी है स्कीम

 Published : Mar 03, 2026 10:45 am IST,  Updated : Mar 03, 2026 10:45 am IST

अगर आप रिटायरमेंट के बाद अपनी पूंजी को सुरक्षित रखते हुए बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) आपके लिए एक भरोसेमंद निवेश विकल्प हो सकता है। यह योजना 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए खास तौर पर तैयार की गई है।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना अकाउंट पर मौजूदा समय में 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है।- India TV Hindi
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना अकाउंट पर मौजूदा समय में 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। Image Source : FREEPIK

पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक खास स्कीम है- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना। यह स्कीम निवेश करने के लिहाज से एक बेहतर विकल्प के तौर पर जाना जाता है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना अकाउंट आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस शाखा में जाकर ओपन करा सकते हैं। यह काफी आसान है। गौर करने वाली बात यह है कि इस अकाउंट में केवल एक बार जमा (डिपॉजिट) किया जा सकता है।  जमा राशि ₹1,000 के मल्टीपल में होनी चाहिए।  अधिकतम जमा लिमिट ₹30 लाख है। यह स्कीम 5 साल के लिए है।  

कितना मिल रहा रिटर्न

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना अकाउंट पर मौजूदा समय में 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। सेविंग्स अकाउंट में ब्याज के ऑटो-क्रेडिट या ECS क्रेडिट सुविधा का ऑप्शन उपलब्ध है (अगर कोई अकाउंट होल्डर हर तिमाही में ब्याज का दावा नहीं करता है, तो ऐसे ब्याज पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलेगा)। अगर SCSS सहित सभी अकाउंट में कुल ब्याज एक फाइनेंशियल ईयर में तय लिमिट से ज्यादा हो जाता है, तो टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) लागू होता है, जब तक कि फॉर्म 15G/15H जमा न किया गया हो।

₹3,00,000 जमा पर ₹1,23,000 का रिटर्न

cleartax के कैलकुलेशन के मुताबिक, अगर आप आज ₹3,00,000 पोस्ट ऑफिस की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना अकाउंट में डालते हैं तो 5 साल बाद आपको ₹1,23,000 रिटर्न के तौर पर मिलेंगे। कैलकुलेशन के मुताबिक, तिमाही ब्याज 6150 रुपये बनेंगे। यानी आखिर में आपके पास कुल ₹4,23,000 जमा हो जाएंगे।

इन बातों को कर लें नोट

परिपक्वता और भुगतान के नियम

अकाउंट खोलते समय जमा की गई राशि (डिपॉजिट) का भुगतान खाता खोलने की तारीख से 5 साल बाद किया जाएगा। अगर अकाउंट को एक्सटेंड (बढ़ाया) किया गया है, तो भुगतान हर 3 साल के ब्लॉक पीरियड (एक्सटेंशन पीरियड) के खत्म होने पर किया जाएगा।  

मूल नियम
अकाउंट की मैच्योरिटी 5 वर्ष है, जिसे एक बार अतिरिक्त 3 वर्ष (कुल 8 वर्ष तक) के लिए बढ़ाया जा सकता है। कुछ अपडेटेड नियमों के अनुसार, कई 3-वर्षीय ब्लॉक में एक्सटेंशन संभव है, लेकिन अधिकांश स्रोतों में अभी एक बार 3 वर्ष का एक्सटेंशन ही मान्य है।

एक्सटेंशन के बाद नया अकाउंट खोलने का विकल्प
अगर मौजूदा अकाउंट (या अकाउंट्स) को बंद कर दिया जाता है, तो जमाकर्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार नया अकाउंट या अकाउंट्स फिर से खोल सकता है। नया अकाउंट खोलते समय कुल अधिकतम जमा सीमा (₹30 लाख) के अंदर ही निवेश किया जा सकता है।

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