जर्मनी की लक्जरी कार मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी मर्सिडीज-बेंज भारत में अपने अल्ट्रा-लक्जरी एसयूवी मॉडल ‘मायबाख जीएलएस’ का स्थानीय स्तर पर प्रोडक्शन शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही भारत अमेरिका के बाहर ऐसा एकमात्र देश बन जाएगा, जहां इस मॉडल की स्थानीय असेंबली की जाएगी। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) संतोष अय्यर ने बुधवार को पीटीआई के साथ बातचीत में कहा कि साल 2025 में भारत कंपनी के मायबाख ब्रांड के लिए दुनिया के टॉप 5 बाजारों में शामिल हो गया है।
भारत में प्रोडक्शन शुरू होने से 42 लाख रुपये कम हो जाएगी जीएलएस मायबाख की कीमत
संतोष अय्यर ने कहा कि भारत में मायबाख सीरीज के तहत जीएलएस मायबाख सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल है, जिसे फिलहाल अमेरिका के अलबामा स्थित टस्कालूसा प्लांट से इंपोर्ट किया जाता है। अय्यर के मुताबिक, लोकल प्रोडक्शन शुरू होने के बाद इस मॉडल की कीमत घटकर 2.75 करोड़ रुपये रह जाएगी, जबकि अभी इसकी कीमत 3.17 करोड़ रुपये है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू करने का मतलब अमेरिका में उत्पादन को बंद करना नहीं है। उन्होंने कहा, “अमेरिका में उत्पादन जारी रहेगा। भारत में असेंबली स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए है।”
मर्सिडीज ने पिछले साल भारत में बेची थीं कुल 19,007 गाड़ियां
चीन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जर्मनी के साथ भारत अब मायबाख सीरीज वाली गाड़ियों के टॉप 5 ग्लोबल मार्केट में शामिल है। कंपनी की 2026 की प्लानिंग पर अय्यर ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज इंडिया इस साल 12 नए मॉडल पेश करेगी। हालांकि, यूरो के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से लागत बढ़ी है, जिससे लक्जरी कार बाजार में ग्रोथ सिंगल डिजिट में ही रहने का अनुमान है। पिछले साल मर्सिडीज ने भारत में कुल 19,007 गाड़ियों की बिक्री की जो 2024 की तुलना में मामूली रूप से कम है।



































