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घंटों का नहीं, बल्कि मिनटों का होगा दिल्ली से मुरथल और करनाल का सफर! जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jan 18, 2026 06:59 am IST,  Updated : Jan 18, 2026 07:00 am IST

अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और वीकेंड पर मुरथल के पराठों या करनाल के सफर के नाम पर घंटों ट्रैफिक जाम से परेशान हो चुके हैं, तो अब राहत की खबर है। सरकार एक ऐसा ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान लेकर आई है, जिससे दिल्ली से मुरथल और करनाल का सफर घंटों नहीं बल्कि मिनटों में पूरा हो सकेगा।

दिल्ली से मुरथल-करनाल...- India TV Hindi
दिल्ली से मुरथल-करनाल का सफर होगा फास्ट Image Source : ANI

अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और मुरथल के पराठों या करनाल के सफर के लिए लंबा जाम झेलना आपकी मजबूरी बन चुका है, तो अब राहत की खबर है। आने वाले समय में दिल्ली से मुरथल और करनाल का सफर घंटों नहीं बल्कि मिनटों में पूरा होगा। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने दो नए नमो भारत RRTS कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की है, जो दिल्ली-हरियाणा के ट्रैफिक पैटर्न को पूरी तरह बदलने जा रही है।

90 मिनट में करनाल, 30 मिनट में मुरथल

पहले कॉरिडोर के शुरू होने के बाद सराय काले खां से करनाल का सफर सिर्फ 90 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि कश्मीरी गेट से मुरथल महज 30 मिनट दूर होगा। यह कॉरिडोर कुल 136 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें दिल्ली का 36 किलोमीटर और हरियाणा का 100 किलोमीटर हिस्सा शामिल है। इस रूट पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें से दिल्ली में 6 और हरियाणा में 11। मुरथल और गंजबार में दो डिपो भी प्रस्तावित हैं।

औद्योगिक और शैक्षणिक इलाकों को मिलेगी रफ्तार

इस रूट पर सोनीपत एजुकेशन सिटी, कुंडली, बरही इंडस्ट्रियल एरिया, पानीपत, IOCL रिफाइनरी और करनाल जैसे बड़े औद्योगिक और शिक्षा केंद्र पड़ते हैं। यहां रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं, जिससे जाम और प्रदूषण की समस्या बनी रहती है। नमो भारत ट्रेन औसतन 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे यात्रा समय में भारी कटौती होगी।

दिल्ली से बावल एक घंटे में

दूसरा RRTS कॉरिडोर 92 किलोमीटर लंबा होगा, जो दिल्ली, गुरुग्राम, मानेसर, MBIR और बावल को जोड़ेगा। यह कॉरिडोर दिल्ली एयरपोर्ट को भी RRTS नेटवर्क से कनेक्ट करेगा। इसके चालू होने के बाद दिल्ली से बावल का सफर सिर्फ एक घंटे में पूरा हो सकेगा, जिससे NCR की प्रोडक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

सड़कों से हटेंगे लाखों वाहन

NCRTC के मुताबिक, इन दोनों प्रोजेक्ट्स के शुरू होने पर रोजाना करीब 2 लाख प्राइवेट वाहन सड़कों से हट जाएंगे। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा, प्रदूषण घटेगा और हर साल करीब ढाई लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। स्टील-टू-स्टील तकनीक वाली नमो भारत ट्रेन सड़क परिवहन की तुलना में महज पांचवां हिस्सा फॉसिल फ्यूल खर्च करती है।

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