कोलकाता: बागी TMC सांसद सायनी घोष कहती हैं, "यह बहुत अच्छी बात है कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। मैं उनकी शुक्रगुजार हूँ, और मेरा मानना है कि अब जब सरकार, छात्रों और CJP के बीच बातचीत शुरू हो गई है, तो इससे कोई अच्छा और रचनात्मक नतीजा निकलने की उम्मीद है। मेरा एक ही मानना है: छात्र देश के हैं, और सरकार भी देश की सेवा करती है। जो कुछ भी हो, वह छात्रों और सरकार दोनों के हित में होना चाहिए, और इस पर आम सहमति बननी चाहिए।
सायोनी का विपक्ष पर जुबानी हमला
सायोनी घोष ने विपक्षी पार्टियों पर जोरदार हमला बोला, उन्होंने कहा, जिस तरह से विपक्षी दलों ने इस आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की है, जिसे CJP, देश के युवाओं और छात्रों ने शुरू किया था, वह सही नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक हित साधने की कोशिश की है, और मुझे नहीं लगता कि यह सही है... सरकार ने छात्रों की बात सुनना शुरू कर दिया है, और मुझे उम्मीद है कि वह उनकी जायज़ मांगों पर विचार करती रहेगी। सरकार से मेरी यही उम्मीद है कि वह उनकी चिंताओं पर ध्यान देगी और संतोषजनक समाधान की दिशा में काम करेगी।"
ममता की हार से ही बदल गए सायोनी के तेवर
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए ऐतिहासिक बदलाव के बीच ममता बनर्जी की करीबी रहीं टीएमसी की सांसद ने बगावत कर दी और अब बागी सांसद के बदले हुए राजनीतिक तेवर भी चर्चा का मुख्य केंद्र बन गए हैं। जादवपुर की सांसद सायोनी घोष ने बारुईपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई कथित दरिंदगी और हत्या के मामले पर जो बयान दिया है, उसने पूरी टीएमसी को सकते में डाल दिया है। सायोनी घोष ने सीएम शुभेंदु अधिकारी के प्रशासनिक एक्शन का खुला बचाव किया और कहा, “जब कोई अपनी जान गंवाता है, एक बच्चा मरता है, तो दर्द हमें भी होता है। हम अपने मुख्यमंत्री से एक सच्ची, गहन और निष्पक्ष जांच की उम्मीद करते हैं।”
सायोनी ने कहा, ”दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए और इसे लेकर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि हम इस मामले की तह तक जाएंगे। यह एक बड़ा रैकेट लग रहा है और हमें अपनी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।”
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