मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी छोड़कर छोटे शहर में काम करने के अपने फैसले को एक एनेस्थेसियोलॉजिस्ट की पोस्ट वायरल हो रही है। वीडियो में उन्होंने तंग, महंगे मकान और थका देने वाली रोजाना की ट्रेन यात्रा को छोड़कर मुफ्त फ्लैट और अस्पताल द्वारा दी जाने वाली यात्रा को चुनते हुए उन्होंने बताया कि कैसे बड़े शहर की भागदौड़ के बजाय व्यक्तिगत शांति को प्राथमिकता देने से उनका जीवन बदल गया।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @garimachauhan09 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो की कैप्शन में वे लिखती हैं कि, 'मुंबई से बेहद प्यार करने वाली होने के नाते, इसे छोड़ना मेरे जीवन के सबसे कठिन फैसलों में से एक था। यह मेरा घर है। मेरा परिवार यहीं है, और मेरे दिल का एक हिस्सा हमेशा यहीं रहेगा।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन छह महीने बाद, मुझे आखिरकार समझ में आया कि मैंने वह चुनाव क्यों किया था। कभी-कभी सफलता का मतलब सबसे बड़े शहर में रहना नहीं होता। कभी-कभी सफलता का मतलब ऐसा जीवन चुनना होता है जो आपको शांति, समय और संतुलन प्रदान करे।' सलाह देते हुए उन्होंने लिखा, 'वह जीवन चुनें जो आप चाहते हैं, न कि वह जो हर कोई आपसे अपेक्षा करता है।' एक वीडियो में , डॉक्टर ने एक इंसर्ट टेक्स्ट में लिखा है, 'एक पीढ़ी के डॉक्टर के रूप में मैंने मुंबई छोड़कर एक छोटे शहर में जाने का फैसला क्यों किया?'
सवालों पर देती हैं ये जवाब
वह बताती हैं कि जब लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि उन्होंने बड़ा शहर छोड़कर एक छोटे से गांव में रहने का फैसला क्यों किया। तब वह समझाती हैं कि वह अभी-अभी अपने अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई गई गाड़ी से अपने वर्कप्लेस से लौटी हैं। डॉक्टर बताती हैं कि इमरजेंसी में अस्पताल की गाड़ी हमेशा उन्हें लेने के लिए भेजी जाती है। फिर वह इसकी तुलना मुंबई में अपने पुराने रोजाना के सफ़र से करती हैं और याद करती हैं कि कैसे उन्हें सुबह जल्दी उठकर भीड़ भरी ट्रेन में चढ़ना पड़ता था और पूरी यात्रा खड़े रहना पड़ता था। इससे भी बुरी बात यह थी कि उनकी पिछली नौकरी में किसी भी अप्रत्याशित देरी के कारण उनके वेतन में कटौती हो जाती थी।
शहर में यात्रा करने को बताया कारण
वह बताती हैं कि रोजमर्रा की यह थका देने वाली दिनचर्या ही मुंबई छोड़ने का उनका मुख्य कारण थी। उन्हें याद है कि वे अपने पति के साथ मुंबई में एक तंग, माचिस की डिब्बी के आकार के किराए के अपार्टमेंट में रहती थीं, जिसका किराया ₹30,000 प्रति माह था। इसके बिल्कुल विपरीत, उनकी नई नौकरी में उन्हें दो बालकनियों वाला एक विशाल 2BHK अपार्टमेंट बिल्कुल मुफ्त में मिला है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो पर कई यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। एक यूजर ने लिखा कि, 'सबसे पहले शांति को प्राथमिकता देनी चाहिए।'
दूसरे ने लिखा कि, 'नागपुर लौटने का यही एकमात्र कारण है। यह मेरा होमटाउन है, लेकिन मुंबई मुझे घर जैसा लगता था। मुंबई खूबसूरत है, लेकिन यहां की रफ़्तार बहुत तेज़ है, आय कम है और काम और निजी जीवन में संतुलन नामुमकिन है। लेकिन कौन जाने, शायद किसी दिन मैं वापस जाने का फैसला कर लूं।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'अगर बिजली या पानी की समस्या न हो तो छोटी जगहें कहीं बेहतर होती हैं!'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'मुंबई में रहने वाला हर कोई इस बात को पूरी तरह समझ सकता है! लिखा, “मुंबई में रहने वाला हर कोई इस बात को पूरी तरह समझ सकता है! '
गौरतलब है कि, इससे पहले 'डच महिला ने मुंबई के बजाय बेंगलुरु को चुना' नामक शीर्षक से भी वीडियो वायरल हो चुका है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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