भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल ने सोमवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री मारी। 19 जनवरी को बीसीसीएल के शेयर आईपीओ प्राइस ₹23 प्रति शेयर के मुकाबले लगभग 96.5% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। एनएसई पर जहां कंपनी का शेयर ₹45 पर खुला, वहीं बीएसई पर कंपनी का शेयर ₹45.21 पर खुला। इसका मतलब है कि IPO अलॉटियों को लिस्टिंग पर करीब 96.5% का लाभ मिला। लिस्टिंग गेन के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी जा रही है, इसलिए शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है। लॉन्ग टर्म में कंपनी के फंडामेंटल्स और कोयला सेक्टर की मांग पर नजर रखें।
GMP के मुताबिक लिस्टिंग
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के IPO की लिस्टिंग ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की उम्मीदों के मुताबिक रही। लिस्टिंग से पहले GMP लगभग +13.6% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था। बीसीसीएल के इस शानदार लिस्टिंग से निवेशकों में कंपनी के शेयरों को लेकर उत्साह और भरोसा बढ़ गया है। बीसीसीएल का ₹1,071 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल था, जो 9-13 जनवरी 2026 तक खुला और 147 गुना सब्सक्राइब हुआ। प्राइस बैंड ₹21-23 था। कंपनी की मार्केट कैप ₹21,054 करोड़ पहुंच गई है।
कंपनी का परिचय
बीसीसीएल की स्थापना जनवरी 1972 में हुई थी। कंपनी का मुख्य उद्देश्य झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड्स में स्थित खदानों से कोकिंग कोल का खनन और आपूर्ति करना है। यह कोल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है और एक मिनीरत्न कंपनी है। BCCL भारत में कोकिंग कोल का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो घरेलू उत्पादन का लगभग 58.5% योगदान देती है। कंपनी के पास अनुमानित 7.91 अरब टन के कोयला भंडार हैं और यह स्टील तथा पावर इंडस्ट्री के लिए प्रमुख कोयला सप्लायर है।
कंपनियों ने ₹1.76 लाख करोड़ जुटाए
यह आईपीओ 2025 में प्राइमरी मार्केट के रिकॉर्ड ब्रेकिंग साल के बाद आया है। 2025 में कंपनियों ने आईपीओ के जरिये रिकॉर्ड ₹1.76 लाख करोड़ जुटाए, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। यह उपलब्धि मजबूत घरेलू लिक्विडिटी, निवेशकों के लचीले सेंटीमेंट और अनुकूल मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के चलते संभव हुई।



































