सिर्फ 2 घंटे के लिए दिल्ली आए UAE के राष्ट्रपति, PM मोदी के साथ कौन-कौन सी डील पर बनी बात?
सिर्फ 2 घंटे के लिए दिल्ली आए UAE के राष्ट्रपति, PM मोदी के साथ कौन-कौन सी डील पर बनी बात?
UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ाईद अल नाहयान आज ऐसे मौके पर भारत आए जब मिडिल ईस्ट में तेजी से डेवलपमेंट हो रहे हैं। यमन में सऊदी अरब और UAE आमने सामने हैं। पीएम मोदी ने UAE के प्रेसिडेंट के साथ कई मसलों पर चर्चा की।
Edited By: Khushbu Rawal@khushburawal2 Published : Jan 19, 2026 10:33 pm IST, Updated : Jan 19, 2026 10:33 pm IST
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UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
आज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर करीब 2 घंटे की आधिकारिक यात्रा पर भारत आए। जब शेख नाहयान दिल्ली पहुंचे तो उनको रिसीव करने के लिए प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम मोदी खुद एयरपोर्ट पहुंचे। पीएम मोदी ने शेख नाहयान को एक पश्मीना शॉल और गुजरात का मशहूर नक्काशीदार लकड़ी का झूला गिफ्ट किया।
भारत-UAE ने कितने ट्रेड का टारगेट रखा?
दोनों नेताओं के बीच बातचीत में द्विपक्षीय व्यापार, सांस्कृतिक संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान दिया गया। मीटिंग में दोनों देशों के बीच ट्रेड और इन्वेस्टमेंट से जुड़े 5 समझौतों पर दस्तखत हुए हैं। दोनों देशों ने 2032 तक ट्रेड को 200 बिलियन डॉलर पहुंचाने का टारगेट भी तय किया है।
शेख नाहयान ने भारत के साथ क्या डील की?
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की जानकारी देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि-
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार के 100 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करने का जश्न मनाया और 2032 तक इसे दोगुना करने का भरोसा जताया। UAE ने दो UAE-आधारित कंपनियों को गुजरात के GIFT सिटी में ऑफिस खोलने की इजाज़त दी, जो आगे आर्थिक सहयोग का संकेत है।
विदेश सचिव ने कहा कि दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सुरक्षा संबंधों को मज़बूत करने के मकसद से औद्योगिक सहयोग और स्पेशल फोर्सेज के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम के विस्तार पर ध्यान दिया गया।
दोनों देशों ने अबू धाबी में 'हाउस ऑफ़ इंडिया' स्थापित करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दिखाने वाला एक अत्याधुनिक म्यूज़ियम शामिल होगा।
पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि UAE में सबसे ज्यादा भारतीय रहते हैं, और भारतीयों के हितों और कल्याण की रक्षा के लिए UAE के प्रयासों की सराहना की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए पहलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद की निंदा की। यमन और गाजा में हो रहे घटनाक्रमों सहित क्षेत्र की अहम चिंताओं पर बात की। UAE के राष्ट्रपति ने BRICS की भारत की अध्यक्षता के लिए भी समर्थन व्यक्त किया, जो बढ़ते रणनीतिक तालमेल को दर्शाता है।
भारत और UAE ने एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में सहयोग करने का फैसला किया है, जिसमें न्यूक्लियर पावर प्लांट के डेवलपमेंट और मेंटेनेंस में सहयोग शामिल है। UAE ने अगले महीने भारत में होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में भी हिस्सा लेने का फैसला किया है।
मिस्री ने कहा, "दोनों पक्षों ने एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में पार्टनरशिप की संभावना तलाशने का फैसला किया है, जिसमें बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर का डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट, साथ ही एडवांस्ड रिएक्टर सिस्टम, न्यूक्लियर पावर प्लांट ऑपरेशन, मेंटेनेंस और न्यूक्लियर सेफ्टी में सहयोग शामिल है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सहयोग के लिए एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र माना गया।"
UAE की पार्टनरशिप से भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने पर सहयोग करने का फैसला किया गया। UAE भारत में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश पर भी विचार करेगा। UAE फरवरी 2026 में भारत द्वारा आयोजित किए जा रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में भी उच्च स्तर पर हिस्सा लेगा। दोनों पक्ष एक डिजिटल या डेटा एम्बेसी स्थापित करने की संभावना भी तलाशेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और विदेश सचिव विक्रम मिस्री।
भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है UAE
बता दें कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और UAE के रिश्तों में काफी तरक्की हुई है। UAE, भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। आज दोनों देशों के बीच 100 बिलियन डॉलर यानी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रेड होता है। भारत, UAE को 63 बिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट करता है। दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड के लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी का समझौता भी हो चुका है जिससे भारत में UAE का इन्वेस्टमेंट भी बढ़ा है। 2020 से UAE की कंपनियां भारत में 22 बिलियन डॉलर से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट कर चुकी हैं।
भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में 75 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा
भारत में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के मामले में UAE पांचवां सबसे बड़ा देश है। UAE ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में 75 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। UAE में 43 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं, जो वहां की कुल आबादी के 35 परसेंट से भी ज्यादा है। भारत का UPI और Rupay पेमेंट सिस्टम भी UAE में उपलब्ध है। दोनों देशों के बीच डिफेंस सेक्टर में भी सहयोग लगातार बढ़ रहा है।