Powerful Vastu Remedies: वास्तु शास्त्र में घर की बनावट, दिशा और ऊर्जा का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव माना गया है। कई बार लोग मेहनत करने के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर पाते या घर में लगातार परेशानियां बनी रहती हैं। ऐसी स्थिति में घर में मौजूद वास्तु दोष भी इसका एक कारण हो सकता है। कुछ छोटे-छोटे वास्तु उपाय अपनाकर इन नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है और जीवन में सुख-समृद्धि को बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य द्वार पर लगाएं गणेश प्रतिमा
वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार वह स्थान होता है जहां से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यदि मुख्य द्वार से जुड़ा कोई वास्तु दोष हो तो भगवान गणेश की प्रतिमा को दरवाजे के अंदर और बाहर इस तरह लगाना शुभ माना जाता है कि उनकी पीठ दिखाई न दे। माना जाता है कि इससे घर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।
तुलसी का पौधा
हिंदू परंपरा में तुलसी को अत्यंत पवित्र और सौभाग्य बढ़ाने वाला पौधा माना गया है। यदि घर के प्रवेश द्वार के पास तुलसी का पौधा लगाया जाए तो यह नकारात्मक ऊर्जा को कम करके सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। ध्यान रखें कि तुलसी के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और वहां जूते-चप्पल या कूड़ादान न रखें।
घर के कोनों को रखें साफ
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के कोनों में गंदगी, धूल या मकड़ी के जाले होना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसी स्थिति में धन की देवी लक्ष्मी का वास नहीं होता। इसलिए घर के मुख्य द्वार, ब्रह्म स्थान और अन्य कोनों को हमेशा साफ रखना चाहिए। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
बीम के नीचे न रखें बेड या सोफा
वास्तु के अनुसार बीम के नीचे सोना या बैठना सेहत और मानसिक शांति के लिए अच्छा नहीं माना जाता। यदि घर की बनावट के कारण ऐसा करना जरूरी हो तो बीम के नीचे बांसुरी टांगने का उपाय किया जा सकता है। माना जाता है कि इससे इसके नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं।
घर में लीकेज या सीलन न होने दें
घर में कहीं भी पानी का रिसाव या सीलन होना वास्तु दोष माना जाता है। पानी को समृद्धि और लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, इसलिए उसका व्यर्थ बहना आर्थिक समस्याओं को बढ़ा सकता है। ऐसे में घर में किसी भी तरह की लीकेज को तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए।
दरवाजों और फर्नीचर से न आए आवाज
अगर घर के दरवाजे खोलते या बंद करते समय आवाज करते हैं तो इसे वास्तु दोष माना जाता है। कहा जाता है कि इससे घर के सदस्यों के बीच तनाव और विवाद बढ़ सकते हैं। इसलिए समय-समय पर दरवाजों में तेल डालना और खराब फर्नीचर को ठीक कराना जरूरी है।
छत और सीढ़ियों को रखें साफ
वास्तु के अनुसार, घर की सीढ़ियां प्रगति का प्रतीक होती हैं। टूटी या गंदी सीढ़ियां दुर्भाग्य का संकेत मानी जाती हैं, इसलिए उन्हें तुरंत ठीक कराना चाहिए। इसके अलावा छत पर कबाड़, टूटे सामान या सूखे पौधे जमा नहीं करने चाहिए। साफ-सुथरी छत घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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