ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में मौजूदा समय में हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं, जिसके चलते अब इसका असर क्रिकेट पर भी देखने को मिल रहा है। अभी जहां सभी का ध्यान टी20 वर्ल्ड कप पर है तो वहीं साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप भी खेला जाना है। इसको लेकर 8 टीमों जहां पहले से तय हैं तो वहीं दो टीमों की एंट्री क्वालीफायर राउंड से होती है। क्रिकेट वर्ल्ड लीग 2 के मुकाबले आठ टीमों के बीच तीन सालों तक चलती है, जिसमें अंत में टॉप-4 टीम आगे बढ़ती हैं और उसके बाद 2 टीमें मुख्य इवेंट के लिए अपनी जगह पक्की कर पाती हैं। नेपाल की मेजबानी में 10 से 20 मार्च तक नेपाल, ओमान और यूएई के बीच ट्राई सीरीज खेली जानी थी, जो इस क्रिकेट वर्ल्ड लीग 2 का भी हिस्सा थी, जिसके मुकाबलों को अब आईसीसी ने मिडिल ईस्ट के हालात को देखते हुए टालने का फैसला लिया है।
नेपाल के कीर्तिपुर में स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में 10 से 20 मार्च तक इस ट्राई सीरीज के छह मुकाबले खेले जाने थे, लेकिन आयोजकों ने मौजूदा सुरक्षा हालात का हवाला देते हुए मुकाबलों को टालने का फैसला लिया है। नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की पुष्टि की और कहा कि ICC और इस सीरीज में हिस्सा लेने वाले बोर्ड के साथ आगे की बातचीत के बाद नई ट्राई सीरीज की नई तारीखें तय की जाएंगी। ईरान-इजराइल के युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं, जिसके चलते कई बड़े टूर्नामेंट के आयोजन पर भी अब खतरा मंडरा रहा है।
मिडिल ईस्ट में कई देशों ने युद्ध के चलते वहां पर एयरस्पेस को भी बंद कर दिया गया है, जिसके चलते भारत में मौजूद कुछ टीमें अब तक अपने घर वापस नहीं लौट पाई हैं। इसमें एक नाम वेस्टइंडीज की टीम का भी है, जिनका टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सफर एक मार्च को खत्म हो गया था, जिसके बाद अब वह 5 मार्च को चार्टर्ड प्लेन से घर के लिए रवाना हो रही है। ऐसा ही कुछ जिम्बाब्वे की टीम के साथ भी देखने को मिला है।
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