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Papmochani Ekadashi 2026 Date: पापमोचिनी एकादशी 2026 कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Mar 05, 2026 02:22 pm IST,  Updated : Mar 14, 2026 07:54 am IST

Papmochani Ekadashi 2026: मार्च में पापमोचिनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और कथा का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि पापमोचिनी एकादशी व्रत को श्रद्धा और नियम के साथ करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

Papmochani Ekadashi 2026 Date- India TV Hindi
पापमोचिनी एकादशी 2026 व्रत कब रखा जाएगा Image Source : INDIA TV

March Mein Ekadashi Kab HaiPapmochani Ekadashi 2026 Date (पापमोचिनी एकादशी 2026 कब है): हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का खास महत्व माना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन उपवास और विधि-विधान से उनकी पूजा की जाती है। पूरे साल में 24 एकादशी पड़ती हैं। साल भर में आने वाली सभी एकादशियों का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है, जो विशेष मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु का व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। 

पापमोचिनी एकादशी 2026 की तारीख

पंचांग के मुताबिक चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी और 15 मार्च को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि व्रत के लिए उदया तिथि को महत्व दिया जाता है, इसलिए पापमोचिनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026, रविवार के दिन रखा जाएगा।

पापमोचिनी एकादशी 2026 व्रत पारण का समय

एकादशी व्रत का पूरा फल पाने के लिए द्वादशी तिथि पर पारण करना जरूरी माना जाता है। साल 2026 में पापमोचिनी एकादशी व्रत का पारण 16 मार्च को सुबह 6 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 54 मिनट के बीच किया जा सकेगा। इस समय व्रत खोलना शुभ रहेगा।

पापमोचिनी एकादशी की पूजा विधि

  • इस दिन भक्तों को सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए।
  • अगर संभव हो तो किसी पवित्र नदी या तीर्थ स्थान पर स्नान करना अधिक शुभ माना जाता है।
  • स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • इसके बाद घर के मंदिर या किसी मंदिर में जाकर भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • पूजा के दौरान गंगाजल, चंदन, रोली, हल्दी, फूल, धूप, दीप, फल और मिष्ठान अर्पित करें।
  • साथ ही पापमोचिनी एकादशी की कथा सुनना या पढ़ना और अंत में भगवान विष्णु की आरती करना भी शुभ माना जाता है।

पापमोचिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

मान्यताओं के अनुसार, पापमोचिनी एकादशी अपने नाम के अनुसार ही फल देने वाली मानी जाती है। इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ यह व्रत करता है, उस पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। इससे जीवन में सुख-शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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