1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. हिंद महासागर में फंसा एक और ईरानी युद्धपोत, श्रीलंका से लगाई मदद की गुहार

हिंद महासागर में फंसा एक और ईरानी युद्धपोत, श्रीलंका से लगाई मदद की गुहार

 Published : Mar 05, 2026 06:13 pm IST,  Updated : Mar 05, 2026 06:17 pm IST

अमेरिकी नौसेना द्वारा एक युद्धपोत को मार गिराए जाने के बाद ईरान का एक और युद्धपोत हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में फंसा हुआ है। इस युद्धपोत की ओर से श्रीलंका से मदद की गुहार लगाई गई है।

Warship, Iran- India TV Hindi
युद्धपोत (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : AP (FILE)

कोलंबो: अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत IRIS DENA पर हमला कर इस पूरे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। वहीं इस बीच एक और ईरानी युद्ध पोत इस जल क्षेत्र में फंसा हुआ है। उसने श्रीलंका से उसके जलीय क्षेत्र में दाखिल होने की अनुमति मांगी है। इस युद्धपोत की ओर से संदेश मिलने पर श्रीलंका की ओर से उचित कदम पर विचार किया जा रहा है। श्रीलंका की ओर से जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी गई है।

Related Stories

अमेरिका ने किया था टारपीडो से हमला

बता दें कि इससे पहले बुधवार को हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत (IRIS DENA) को अमेरिकी पनडुब्बी ने टारपीडो हमले में डुबो दिया था। इस युद्धपोत की ओर से भी श्रीलंका से मदद की गुहार लगाई गई थी जिसके बाद श्रीलंका की सेना ने राहत और बचाव अभियान चलाया कर युद्धपोत पर तैनात कई जवानों की जान बचाई थी।

श्रीलंकाई अधिकारियों ने बुधवार को कहा था कि उन्होंने श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी हमले के बाद डूबे 'IRIS DENA' नामक ईरानी पोत से करीब 80 ईरानी नाविकों के शव बरामद किए हैं। 

लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी उपाय पर विचार

 वहीं सरकार के प्रवक्ता और मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने संसद में मुख्य विपक्षी नेता साजित प्रेमदासा द्वारा दूसरे ईरानी युद्धपोत के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ''हमें इसकी जानकारी है और हम पोत पर मौजूद सभी लोगों की जान की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम को लेकर विचार कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''हम क्षेत्रीय शांति की रक्षा की खातिर इस मुद्दे के समाधान के लिए हस्तक्षेप कर रहे हैं।'' 

जयतिस्सा ने कहा कि ईरान का युद्धपोत श्रीलंका के विस्तारित आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन वह उसके जलक्षेत्र से बाहर है। सूत्रों ने कहा कि पोत ने आपात सहायता का अनुरोध किया है। 

हमले में बचे लोगों का इलाज जारी

इस बीच, अमेरिका द्वारा टॉरपीडो से निशाना बनाए गए ईरानी युद्धपोत के क्रू मेंबर्स के जीवित बचे सदस्यों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि उनकी चोटें गंभीर नहीं हैं। मारे गए 84 ईरानी नौसैनिकों के शवों का पोस्टमॉर्टम गॉल के करापिटिया अस्पताल में किया जाएगा। इसी अस्पताल में घायलों का उपचार जारी है। जिस पोत पर हमला हुआ, वह नौसैनिक बेड़ा एक अभ्यास के बाद भारत के विशाखापत्तनम से अपने देश लौट रहा था। श्रीलंकाई नौसेना ने हालांकि इसकी वजह नहीं बताई कि युद्धपोत ने आपातकालीन संदेश क्यों भेजा था लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश