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मारुति ने लॉन्च की देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार, क्या अब सस्ता होगा गाड़ी चलाने का खर्च?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jun 04, 2026 01:26 pm IST,  Updated : Jun 04, 2026 01:28 pm IST

मारुति सुजुकी ने भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार लॉन्च कर ऑटोमोबाइल सेक्टर में नया अध्याय शुरू कर दिया है। कंपनी ने फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर को पेश करते हुए दावा किया कि यह तकनीक न केवल पेट्रोल पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगी।

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भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च Image Source : PTI

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में आज एक नया इतिहास रचा गया है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने गुरुवार को भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने अपनी सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय कार वैगन आर को इस नई तकनीक के साथ बाजार में उतारा है। मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने इस मौके पर कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वैगन आर की एंट्री सिर्फ एक नई गाड़ी की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा यात्रा में एक नया अध्याय है।

मारुति सुजुकी ने इस बेजोड़ गाड़ी का अनावरण केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में किया। दोनों ही नेता लंबे समय से देश में वैकल्पिक ईंधन और घरेलू ऊर्जा सोर्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस कार लॉन्च के साथ अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल पर देश की निर्भरता घटेगी और गाड़ी चलाने का खर्च कम होगा? चलिए जानते हैं।

क्या होती है फ्लेक्स-फ्यूल कार?

फ्लेक्स-फ्यूल कार ऐसी गाड़ी होती है, जो पेट्रोल के साथ-साथ ज्यादा मात्रा में इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर भी चल सकती है। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इससे पेट्रोल की खपत कम होती है और प्रदूषण भी घटता है। मारुति सुजुकी का कहना है कि यह तकनीक कच्चे तेल के आयात को कम करना और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद करेगी।

पेट्रोल खर्च में मिल सकती है राहत

फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इथेनॉल आधारित ईंधन पेट्रोल की तुलना में सस्ता हो सकता है। यदि देशभर में इथेनॉल की उपलब्धता बढ़ती है और सरकार इसका दायरा बढ़ाती है, तो वाहन मालिकों को ईंधन खर्च में राहत मिल सकती है। हालांकि, इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा जब देशभर में फ्लेक्स-फ्यूल स्टेशन और सप्लाई नेटवर्क विकसित होगा।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होगा फायदा

इस तकनीक का लाभ सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से गन्ना किसानों और कृषि क्षेत्र को भी नई ताकत मिलेगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। मारुति सुजुकी के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक कृषि, तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को एक साथ जोड़ती है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करती है।

पूरे इकोसिस्टम की होगी जरूरत

कंपनी का कहना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को लोकप्रिय बनाने के लिए केवल कार लॉन्च करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए ईंधन की उपलब्धता, ग्राहकों में जागरूकता, प्रतिस्पर्धी कीमतें और अधिक मॉडल्स की जरूरत होगी। आपको बता दें कि मारुति सुजुकी पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी, बायोगैस, हाइब्रिड और हाइड्रोजन तकनीक पर काम कर रही है। अब फ्लेक्स-फ्यूल कार के लॉन्च के साथ कंपनी ने स्वच्छ और सस्ती मोबिलिटी की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

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