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CleanTech सेक्टर में जॉब्स ने जमाया रंग, 2 साल में 57% बढ़ी भर्ती, 44% वैकेंसी सिर्फ दिल्ली-NCR में

 Published : Mar 05, 2026 01:20 pm IST,  Updated : Mar 05, 2026 01:23 pm IST

क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी सेक्टर में काफी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सेक्टर में जॉब के मामले में महानगरों का दबदबा है।

इस क्षेत्र में कर्मचारियों की संख्या साल-दर-साल 13.4% बढ़ी है।- India TV Hindi
इस क्षेत्र में कर्मचारियों की संख्या साल-दर-साल 13.4% बढ़ी है। Image Source : FREEPIK

भारत का क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी यानी CleanTech सेक्टर तेजी से उभरता हुआ रोजगार बाजार बनता जा रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत सरकारी नीतियों और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन में बढ़ते निवेश के चलते पिछले दो वर्षों में इस सेक्टर में भर्ती 56.6% तक बढ़ गई है। एचआर सॉल्यूशंस कंपनी CIEL HR की रिपोर्ट बताती है कि क्लीनटेक सेक्टर देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले टैलेंट मार्केट्स में शामिल हो चुका है। हालांकि हाल के समय में वृद्धि की गति कुछ धीमी हुई है, फिर भी सेक्टर की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में कर्मचारियों की संख्या साल-दर-साल 13.4% बढ़ी है, जो निरंतर विस्तार का संकेत देती है।

किन पदों की बढ़ी मांग

क्लीनटेक सेक्टर में तकनीकी और संचालन से जुड़े पदों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इनमें प्रमुख रूप से डिजाइन इंजीनियर, प्रोसेस इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर, ऑपरेशंस और मेंटेनेंस मैनेजर जैसे पद शामिल हैं। यह अध्ययन भारत की 55 क्लीनटेक कंपनियों के कर्मचारियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है।

दिल्ली-NCR बना सबसे बड़ा हायरिंग हब

रिपोर्ट के मुताबिक, क्लीनटेक सेक्टर में भर्ती के मामले में मेट्रो शहरों का दबदबा है। दिल्ली-NCR में कुल जॉब ओपनिंग का 44% हिस्सा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में 30% भर्तियां दर्ज की गईं। जबकि मुंबई में 9%, बेंगलुरु में 6%, पुणे में 5% और अन्य मेट्रो शहरों में 6% अवसर दर्ज किए गए।

स्किल गैप बनी बड़ी चुनौती

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में हर साल 10 लाख से अधिक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट निकलते हैं, लेकिन उनकी स्किल्स अभी भी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, स्टोरेज टेक्नोलॉजी और ग्रिड इंटीग्रेशन जैसी उन्नत तकनीकी जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। इससे सेक्टर में स्किल गैप की समस्या बनी हुई है। क्लीनटेक सेक्टर में लैंगिक असंतुलन भी एक बड़ी चुनौती है। कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 11% है। वहीं लीडरशिप पदों पर यह आंकड़ा 15% है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

CIEL HR के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आदित्य नारायण मिश्रा के अनुसार, भारत का क्लीनटेक सेक्टर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और यह देश के विकास के अगले चरण को गति देने वाला मजबूत आर्थिक इंजन बन सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि टैलेंट की कमी, स्किल गैप और महिलाओं की कम भागीदारी जैसे मुद्दे इस सेक्टर के सामने बड़ी बाधाएं बनकर उभर रहे हैं।

वेतन में भी बढ़ोतरी

टैलेंट की कमी के चलते इस सेक्टर में वेतन भी तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, क्लीनटेक सेक्टर में 48% पदों पर सालाना वेतन ₹10 लाख या उससे अधिक है। जबकि आईटी सेक्टर में यह आंकड़ा करीब 40% है। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि अगर कंपनियां स्किल डेवलपमेंट, मजबूत लीडरशिप और समावेशी कार्यस्थल पर ध्यान दें, तो क्लीनटेक सेक्टर आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

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