आज देश समेत दुनिया में होली की धूम है। जगह-जगह से होली मनाने की तस्वीरें आ रही हैं। होली चूंकि रंगों का त्योहार है, इसलिए इसका जिक्र आते जेहन में रंगों की बौछार और बच्चों-बड़ों के खिलखिलाते चेहरे उभर आते हैं। रंगों का यह त्योहार दुनिया के कई हिस्से में मानाया जाता है। यह त्योहार अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, नेपाल और यहां तक कि ईरान में भी मनाया जाता है।
आपसे कोई पूछे कि सबसे ज्यादा होली का क्रेज कहां है, तो आप आसानी से जवाब दे देंगे- भारत। आप कहेंगे कि इस त्योहार का जन्म भारत की मिट्टी में हुआ, इसलिए यहां होली की दीवानगी सबसे ज्यादा है। लेकिन हालिया रिपोर्ट कुछ और ही कह रहा है। 'इंडिया समडे' की स्टडी और सर्च इंजन डेटा ने सबको चौंका दिया है। डिजिटल सर्च और जनसंख्या के अनुपात के आधार पर कतर दुनिया का सबसे 'होली ऑबसेस्ड' देश बनकर उभरा है।
इंडिया समडे पर छपी एक स्टडी के अनुसार, 2024 में वर्ल्ड मोस्ट होली ऑबसेस्ड कंट्रीज के आंकड़े आए थे। स्टडी के अनुसार, गूगल पर 'Holi Festival', 'Holi Celebration' और 'Holi Date' जैसे कीवर्ड्स की सर्च डेंसिटी के मामले में खाड़ी देशों और छोटे द्वीपीय राष्ट्रों ने भारत को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद हर एक लाख निवासियों के हिसाब से आंकड़ों का आकलन किया गया, तो पता चला कि होली को लेकर पूरी दुनिया में दीवानगी जबरदस्त है।

स्टडी के अनुसार, होली के प्रति दीवानगी के मामले में खाड़ी का देश कतर नंबर वन पर है। दूसरे नंबर पर सिंगापुर, तीसरे नंबर पर मॉरीशस, चौथे पर संयुक्त अरब अमीरात, पांचवें पर न्यूजीलैंड, छठें पर बहरीन, सातवें पर ब्रिटेन, आठवें पर भारत, नौवें पर जर्मनी और 10वें पर स्विट्जरलैंड रहे हैं।
होली के प्रति दीवानगी में सबसे आगे
- कतर
- सिंगापुर
- मॉरीशस
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- न्यूजीलैंड
- बहरीन
- ब्रिटेन
- भारत
- जर्मनी
- स्विट्जरलैंड
कतर में होली की दीवानगी की सबसे बड़ी वजह वहां के भव्य सार्वजनिक आयोजन और बीच पार्टियां हैं, जहां भारतीय प्रवासियों के साथ-साथ अन्य देशों के लोग भी इस त्योहार का जश्न मनाते हैं।
नेपाल में अलग नाम, एक ही त्योहार
नेपाल में होली को फागू पूर्णिमा कहा जाता है। यह मुख्य त्योहार से एक हफ्ते पहले ही शुरू हो जाता है। पहाड़ों और तराई क्षेत्रों में इसे मनाने के तरीके अलग हैं।
मॉरीशस और फिजी में 2 दिनों की होली
इन द्वीपीय देशों में होली दो दिनों तक चलती है। यहां का भारतीय समुदाय अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस करने के लिए इसे बड़े स्तर पर आयोजित करता है।

अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया में खुमार
पश्चिमी देशों में होली अब केवल भारतीयों का त्योहार नहीं रहा, बल्कि स्थानीय लोग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
ईरान का 'तिरगान'
ईरान, जो इन दिनों इजरायल और अमेरिका के साथ युद्ध की मार झेल रहा है, वहां का एक प्राचीन त्योहार 'तिरगान' चर्चा में है। यह भारतीय होली की तरह ही एक गैर-अब्राहमिक त्योहार है। इसकी जड़ें भारत-ईरानी साझा संस्कृति में हैं। तिरगान में लोग एक-दूसरे पर पानी फेंकते हैं। हालांकि, अब धीरे-धीरे इसमें रंगों का समावेश भी होने लगा है। इसमें 'होमा अमृत' (दूध, अनार का रस और एफेड्रा का मिश्रण) का अर्पण मुख्य धार्मिक अनुष्ठान है।
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