US Submarine Attack On Iran Warship: भारत में ईरान के राजदूत डॉ मोहम्मद फताली ने गुरुवार को हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबोए जाने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन करार दिया और कहा कि तेहरान इसकी कड़ी प्रतिक्रिया देगा।
'स्वदेश लौट रहा था जहाज'
पीटीआई को दिए एक वीडियो इंटरव्यू में राजदूत फताली ने कहा कि ईरानी फ्रिगेट Dena पर अमेरिका की ओर से किया गया हमला बेहद गंभीर है। उन्होंने दावा किया कि यह जहाज किसी हथियार से लैस नहीं था और भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से स्वदेश लौट रहा था।
क्या बोले ईरान के राजदूत?
फताली ने कहा, " ईरानी जहाज पूरी तरह निहत्था था और शांति मिशन से वापस आ रहा था। अमेरिका और इजरायल अंतरराष्ट्रीय नियमों को लगातार तोड़ने और नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "ईरान इस हमले का कड़ा जवाब देगा। हम अपनी जनता के समर्थन और अपनी आस्था पर भरोसा करते हैं। हम कई बार कह चुके हैं कि हम विजयी होंगे।"
'हम युद्ध की स्थिति में हैं'
ईरानी राजदूत ने बातचीत की संभावना पर कहा कि कुछ देश अब वार्ता के लिए प्रतिनिधि भेजना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल कोई बातचीत क्षेत्र के लिए फायदेमंद नहीं है, खासकर ईरान के लिए, क्योंकि हमला करने वाले पक्ष ने ही संघर्ष शुरू किया है। फताली ने कहा, "हमारा रुख स्पष्ट है। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ हम युद्ध की स्थिति में हैं, लेकिन हमारे देश की संस्थाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। हमने पहले भी बातचीत की कोशिश की थी, भले ही दूसरे पक्ष के इरादों पर संदेह हो।"
अमेरिकी पनडुब्बी ने किया था अटैक
ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर मंगलवार को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र पर हमला हुआ था। अमेरिकी पनडुब्बी ने Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाया था। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना बताया था।
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