UPI यूजर्स अब बिना पिन एंटर किए भी पेमेंट कर सकेंगे। NPCI ने PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM जैसे ऐप्स के लिए नया फीचर रोल आउट किया है।
UPI इस्तेमाल करते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि डिजिटल लुटेरा आपके फोन पर कब कंट्रोल हासिल कर लेगा, आपको पता भी नहीं चलेगा। जानें कैसे काम करता है ये-
डिजिटल अकाउंट में समय-समय पर पिन या पासवर्ड बदलते रहना चाहिए। इससे आपका अकाउंट फ्रॉड करने वाले या हैंक करने वालों से सुरक्षित रहता है। जाहिर है आपके पैसे या लेन-देन भी सुरक्षित रहते हैं।
1 मार्च से ऑनलाइन टिकट बुकिंग, यूपीआई, सिम बाइंडिंग, एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी से जुड़े अहम नियम बदलने जा रहे हैं।
UPI वन वर्ल्ड सेवा एक प्रीपेड डिजिटल वॉलेट है जो विदेशी यूजर्स को यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन करके वास्तविक समय में पर्सन टू मर्चेट पेमेंट करने की सुविधा प्रदान करेगा।
कई बार ऐसा होता है जब हमारा इंटरनेट काम नहीं करता और हमें कोई जरूरी पेमेंट करना होता है तो यूपीआई से पैसे भेजना क्या मुमकिन नहीं है, यहां इसका सटीक जवाब दिया गया है।
डिजिटल पेमेंट्स ने भारत में लेन-देन को तेज, सस्ता और सुलभ बनाया है, लेकिन सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। सही जानकारी, जोखिम और समय पर शिकायत से आप न केवल फ्रॉड से बच सकते हैं, बल्कि किसी भी परेशानी का तेजी से समाधान भी पा सकते हैं। सुरक्षित रहें, स्मार्ट पेमेंट करें!
ईपीएफओ एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जिसके जरिए ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स यूपीआई गेटवे का इस्तेमाल कर पैसे निकालने के साथ ही पासबुक बैलेंस जैसी अन्य सेवाओं का भी लाभ उठा सकेंगे।
यूपीआई ऐप से बिल पेमेंट और मोबाइल रिचार्ज आदि पर एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म फीस चुका रहे हैं तो आपको बता रहे हैं ऐसे ऑप्शन जो आपका ये पैसा बचाने में बेहद काम आ सकते हैं।
सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि UPI अब भारत से बाहर करेंसी कन्वर्ज़न के साथ आठ देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत के बाहर इसके विस्तार में काफी तेजी देखी जा रही है।
UPI Now Pay Later सुविधा खास तौर पर उन यूज़र्स के लिए काफी फायदेमंद है, जिन्हें अचानक भुगतान की आवश्यकता पड़ती है या जो सीमित बैलेंस के कारण पेमेंट करने में असमर्थ रह जाते हैं।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर आज भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने में जबरदस्त भूमिका निभा रहा है। इसने राह आसान और तेज कर दिए हैं। पूरी दुनिया में भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म की चर्चा होती है।
सरकार ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड को रोकने के लिए बड़ी तैयारी कर ली है। जल्द ही, आपको यूपीआई और बैंकिंग ऐप्स में एक 'फ्रीज' बटन मिल सकता है, जो आपके पेमेंट्स को एक साथ फ्रीज कर देगा।
BHIM (भारत इंटरफेस फॉर मनी) एक मोबाइल ऐप है, जिसे NPCI ने खुद विकसित किया है। यूपीआई को IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) फ्रेमवर्क पर तैयार किया गया है, लेकिन यह उससे कहीं ज्यादा सरल है।
भारत में डिजिटल भुगतान की तस्वीर एक बार फिर बदलने वाली है। जिस यूपीआई ने लोगों को नकद और कार्ड से आजादी दिलाई, अब वही प्लेटफॉर्म क्रेडिट कार्ड कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है। चलिए जानते हैं कैसे?
भारत में UPI जितना तेजी से बढ़ा है, उतना ही कमजोर इसका कमाई मॉडल रहा है। सरकार की जीरो MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) पॉलिसी ने डिजिटल पेमेंट को हर गली-मोहल्ले तक पहुंचाया, लेकिन हर UPI ट्रांजैक्शन पर करीब 2 रुपये का खर्च बैंकों और फिनटेक कंपनियों को खुद उठाना पड़ रहा है।
ईपीएफओ ने सब्सक्राइबर्स को सलाह है कि वे अपने UAN को हमेशा अपडेट रखें और आधिकारिक ईपीएफओ पोर्टल या ऐप पर अपडेट जानते रहें। इस पहल से 100% ऑटो-सेटलमेंट का ग्राउंड जीरो पर उतारा जा सकेगा। डॉक्यूमेंट्स के साथ कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
1 जनवरी से यूपीआई, पीएम किसान, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, आधार-पैन लिंक से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।
किराने की दुकान से लेकर बड़े बिल तक, एक क्लिक में पैसा ट्रांसफर हो जाता है। लेकिन इसी तेजी में कई बार एक छोटी-सी गलती भारी पड़ जाती है गलत UPI ID या नंबर पर पैसा चला जाना। ऐसे में ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और मान लेते हैं कि अब रकम वापस नहीं मिलेगी।
फ्लेक्स एक UPI-बेस्ड, डिजिटल को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड है जो पूरी तरह से Google Pay ऐप में उपलब्ध है। जानिए इससे आपको क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं।
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