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न कोयला जलेगा, न लगाने पड़ेंगे सोलर पैनल, अब हवा में मौजूद उमस से बनेगी बिजली, साइंटिस्ट ने बनाया अनोखा जेनरेटर

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : May 25, 2026 11:20 am IST,  Updated : May 25, 2026 11:20 am IST

बिजली पैदा करने के लिए अब हैवी मशीन, कोयला, सोलर पैनल, डैम या फिर विंड मिल की जरूरत नहीं होगी। रिसर्चर्स ने हवा में मौजूद नमी से बिजली पैदा करने की तकनीक खोज ली है।

humidity generator- India TV Hindi
एयर ह्यूमिडिटी जेनरेटर (प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Source : UNSPLASH

गर्मी के दिनों में बिजली की डिमांड पीक पर रहती है। बिजली बनाने के लिए लाखों टन कोयले जलाए जाते हैं। हजारों एकड़ जमीन पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं या फिर पवन चक्की और डैम के जरिए बिजली बनाई जाती है। हालांकि, अब बिजली बनाने के लिए न तो कोयले की जरूरत पड़ने वाली है और न ही सोलर पैनल लगाने की जरूरत होगी। वैज्ञानिकों ने एक अनोखा जेनरेटर तैयार किया है, जो हवा में मौजूद उमस यानी ह्यूमिडिटी से लगातार 24 घंटे तक बिजली पैदा कर सकता है। इसमें बिजली बनाने का खर्च भी न के बराबर आता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन के मेरी यूनिवर्सिटी, वरविक यूनिवर्सिटी और इम्पीरियल कॉलेज के रिसर्चर्स ने मिलकर मॉइस्चर पर चलने वाला जेनरेटर (MEG) बनाया है। यह जेनरेटर हवा में मौजूद नमी और शरीर की उमस को सोखकर लगातार बिजली पैदा कर सकता है। साइंटिस्ट द्वारा बनाए गए इस जेनरेटर की खास बात ये है कि इसमें किसी महंगे मटीरियल का यूज नहीं होता है। यह जेनरेटर केवल नमक, जिलेटिन और एक्टिवेटेड कार्बन से बनाया गया है।

कैसे काम करता है यह जेनरेटर?

वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में बताया कि जब नमक और जिलेटिन की घोल को सुखाया जाता है तो यह तीन लेयर वाली एक संरचना में बदल जाता है। ये परतें हवा में मौजूद ह्यूमिडिटी यानी नमी या फिर इंसानी त्वचा के संपर्क में आती हैं तो नमक के आयन तेजी से दौड़ने लगती हैं और बिजली पैदा होती है। इस जेनरेटर में किसी भी हैवी मशीनरी की जरूरत नहीं होती है। यह साधारण केमिकल रिएक्शन के जरिए इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट कर देता है।

यह जेनरेटर हवा की नमी में लगातार 30 दिन तक 1 वोल्ट बिजली पैदा कर सकता है। इस तरह कई जेनरेटर्स को एक साथ कनेक्ट करके 90 वोल्ट की इलेक्ट्रिसिटी पैदा की जा सकती है। इससे पैदा हुई बिजली 40 एलईडी लाइट्स समेत कई इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेज को चलाने के लिए काफी है। वैज्ञानिक इस रिसर्च के आधार पर कभी न खत्म होने वाला पावर सोर्स तैयार कर सकते हैं, जो भविष्य में बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सकता है।

हेल्थ सेंसर की तरह करता है काम

वैज्ञानिकों ने बताया कि यह जेनरेटर न सिर्फ बिजली पैदा करता है, बल्कि एक स्मार्ट हेल्थ सेंसर की तरह भी काम करता है। इसकी मदद से लोगों के सांस लेने की पैटर्न को भी समझा जा सकता है और रियल टाइम में ट्रैक किया जा सकता है। यह बात करने के दौरान मुंह से निकलने वाली नमी की मदद से शब्दों की भी पहचान कर सकता है। इस जेनरेटर या पावर सोर्स की सबसे अच्छी बात ये है कि अन्य बैटरियों की तरह यह पर्यावरण में जहर नहीं फैलाएगा।

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