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Budget 2026: कर्ज लेकर निवेश करना पड़ेगा महंगा, टैक्स के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है सरकार

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Feb 02, 2026 02:52 pm IST,  Updated : Feb 02, 2026 02:52 pm IST

इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 93 के मौजूदा प्रावधानों के तहत, निवेशकों को ब्याज पर खर्च की गई रकम को डिडक्शन के तौर पर क्लेम करने की अनुमति है, लेकिन ये सिर्फ कुल डिविडेंड या म्यूचुअल फंड इनकम के 20% तक ही हो सकता है।

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नए नियम लागू होने के बाद क्या बदलाव होंगे Image Source : FREEPIK

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को देश का बजट पेश करते हुए शेयर बाजार निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया। इससे उन निवेशकों पर सीधा असर पड़ेगा जो डिविडेंड देने वाले शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए फंड उधार लेते हैं। नया प्रस्ताव मौजूदा टैक्स बेनिफिट को खत्म कर देगा, जिसके तहत निवेशक ऐसे उधार के लिए चुकाए गए ब्याज पर डिडक्शन क्लेम कर पाते थे। मौजूदा नियमों के तहत, टैक्सपेयर्स उस कर्ज पर जो ब्याज चुकाते थे, उसके एक तय हिस्से को अपनी अपनी कमाई में से घटा सकते थे, जिससे उनकी टैक्स योग्य आय कम हो जाती थी और उन्हें कम टैक्स चुकाना पड़ता था। 

किन निवेशकों के लिए जरूरी था ये नियम

ये राहत उन निवेशकों के लिए खास तौर पर जरूरी थी, जो इनकम कमाने वाले पोर्टफोलियो बनाने के लिए उधार लिए गए पैसे का इस्तेमाल करते थे। लेकिन, अब इसमें बदलाव होने वाला है। बजट डॉक्यूमेंट्स में कहा गया है, "ये प्रस्ताव है कि डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड की यूनिट से होने वाली इनकम के संबंध में किए गए किसी भी ब्याज खर्च पर कोई डिडक्शन नहीं दिया जाएगा और एक तय लिमिट के तहत ऐसे डिडक्शन की अनुमति देने वाले मौजूदा प्रावधान को हटा दिया जाएगा।"

अभी क्या नियम है?

इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 93 के मौजूदा प्रावधानों के तहत, निवेशकों को ब्याज पर खर्च की गई रकम को डिडक्शन के तौर पर क्लेम करने की अनुमति है, लेकिन ये सिर्फ कुल डिविडेंड या म्यूचुअल फंड इनकम के 20% तक ही हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक डिविडेंड इनकम के तौर पर 1,00,000 रुपये कमाता है और उधार लिए गए फंड पर 25,000 रुपये का ब्याज देता है, तो अनुमत डिडक्शन 20,000 रुपये तक सीमित है, जो डिविडेंड इनकम का 20 प्रतिशत है। इस मैकेनिज्म ने उन निवेशकों को आंशिक टैक्स राहत दी, जो इक्विटी और म्यूचुअल फंड से इनकम कमाने के लिए उधार का इस्तेमाल करते थे।

नए नियम लागू होने के बाद क्या बदलाव होंगे

बजट में इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 93 में संशोधन करने का प्रस्ताव है, जिससे ये फायदा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इनकम-टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा, "इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 93 में संशोधन करने का प्रस्ताव है ताकि ये प्रावधान किया जा सके कि डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड की यूनिट्स से होने वाली इनकम, जो 'अन्य स्रोतों से इनकम' हेड के तहत टैक्सेबल है, उसे कमाने के लिए किए गए किसी भी ब्याज खर्च के संबंध में कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।" इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आगे साफ किया है कि एक बार संशोधन लागू होने के बाद, डिविडेंड इनकम और म्यूचुअल फंड यूनिट्स से होने वाली इनकम की गणना ब्याज खर्च के लिए कोई कटौती दिए बिना की जाएगी।

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