बजट 2026 पेश होते ही घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी पर बिकवाली का दबाव इतना तेज था कि निवेशकों के पोर्टफोलियो लाल निशान में चले गए। लेकिन इस उथल-पुथल के बीच टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाइटन ने बाजार को चौंका दिया। जहां ज्यादातर स्टॉक्स बजट के असर से जूझते नजर आए, वहीं टाइटन के शेयरों ने मजबूती दिखाते हुए 4100 रुपये का स्तर पार कर लिया और ‘स्टार परफॉर्मर’ बनकर उभरे।
बजट डे पर टाइटन में जबरदस्त उछाल
रविवार को बजट के दिन बीएसई पर टाइटन के शेयरों में इंट्रा-डे कारोबार के दौरान 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। शेयर एक समय 4144 रुपये के आसपास पहुंच गया। हालांकि, दिन के अंत में मुनाफावसूली के बाद यह 3990 रुपये के करीब बंद हुआ, लेकिन फिर भी यह तेजी बाजार के कमजोर माहौल में बेहद खास मानी जा रही है।
गोल्ड ड्यूटी पर राहत, ज्वैलरी स्टॉक्स चमके
टाइटन समेत ज्वैलरी सेक्टर के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी को लेकर कोई नकारात्मक सरप्राइज न होना रहा। निवेशकों को आशंका थी कि सरकार गोल्ड पर ड्यूटी बढ़ा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे ज्वैलरी कंपनियों की लागत को लेकर राहत बनी रही और डिमांड पर नकारात्मक असर की आशंका टल गई।
पहले ही घट चुकी है गोल्ड पर ड्यूटी
गौरतलब है कि जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने सोने पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया था। इसका उद्देश्य स्मगलिंग पर रोक और आम उपभोक्ताओं के लिए सोना सस्ता करना था। मौजूदा बजट में इस व्यवस्था को बरकरार रखा गया, जिससे टाइटन जैसी कंपनियों के बिजनेस आउटलुक को मजबूती मिली।
लॉन्ग टर्म में निवेशकों का फेवरिट स्टॉक
टाइटन का लॉन्ग टर्म ट्रैक रिकॉर्ड भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है। पिछले 10 साल में कंपनी के शेयर करीब 10 गुना तक चढ़ चुके हैं। बीते 5 वर्षों में भी इसमें जबरदस्त रिटर्न देखने को मिला है। यही वजह है कि बाजार की गिरावट के बीच भी निवेशकों ने इस शेयर पर भरोसा बनाए रखा।
दिग्गज निवेशकों का भरोसा
टाइटन में दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला की बड़ी हिस्सेदारी भी इस स्टॉक को मजबूती देती है। उनकी मौजूदगी निवेशकों के लिए एक भरोसे का संकेत मानी जाती है, जो बाजार की अनिश्चितता में भी टाइटन को अलग पहचान दिलाती है।



































