भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) की घोषणा कर दी। इस समझौते में दोनों पक्षों की तरफ से कई बड़े ऐलान हुए हैं, जिससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच हुए एफटीए के तहत यूरोप से इंपोर्ट होने वाली लग्जरी गाड़ियों पर वसूला जाने वाला सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी 110 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 10 प्रतिशत रह जाएगा। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि एफटीए लागू होने के बाद यूरोप से आयात की जाने वाली गाड़ियों की कीमतों में भारी-भरकम गिरावट आएगी और ये काफी सस्ती हो जाएंगी।
अभी इंपोर्टेड गाड़ियों पर कितना टैक्स वसूलता है भारत
भारत अभी यूरोप से आयात की जाने वाली 40,000 डॉलर से कम कीमत वाली यात्री कारों पर 70 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाता है, जबकि 40,000 डॉलर से ज्यादा कीमत वाली कारों पर 110 प्रतिशत का भारी-भरकम सीमा शुल्क वसूलता है। एफटीए लागू होने के बाद यूरोप से भारत आयात की जाने वाली गाड़ियों पर 110 प्रतिशत के बजाय सिर्फ 10 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया जाएगा। दोनों पक्षों के बीच हुए इस समझौते से जहां एक तरफ भारत में इंपोर्टेड लग्जरी कारों की कीमतें काफी गिर जाएंगी, वहीं दूसरी तरफ इनकी बिक्री भी जबरदस्त तरीके से बढ़ जाएगी।
कितनी सस्ती हो सकती हैं कारें
उदाहरण के लिए, लगभग ₹1 करोड़ CIF वैल्यू वाली एक यूरोपियन कंपनी की कार अभी भारत में लगभग 3 करोड़ रुपये के एक्स-शोरूम प्राइस पर बिकती है। एफटीए लागू होने के बाद नए टैरिफ नियमों के तहत, ऐसी गाड़ियों की कीमतों काफी घट जाएंगी और आने वाले सालों में जैसे-जैसे ड्यूटी कम होती जाएगी, कीमतें और भी कम हो सकती हैं। ये फायदा सिर्फ पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को मिलेगा, जबकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को पहले 5 सालों के लिए इस एग्रीमेंट से बाहर रखा गया है ताकि टाटा मोटर्स जैसी स्वदेशी कंपनियों को पर्याप्त सुरक्षा दी जा सके।
| कार | मौजूदा कीमत (एक्स-शोरूम) | एफटीए लागू होने के बाद नई अनुमानित कीमत |
| Mercedes-Benz G-Class | 2.90-4.00 करोड़ रुपये | 2.00-2.70 करोड़ रुपये |
| Land Rover Defender 130 | 1.70-2.00 करोड़ रुपये | 1.15 करोड़ रुपये |
| Range Rover | 2.60-4.17 करोड़ रुपये | 1.80-2.90 करोड़ रुपये |
| Rolls-Royce Ghost | 6.95-7.95 करोड़ रुपये | 4.80-5.50 करोड़ रुपये |
यूरोप से किन कंपनियों की गाड़ियों होती हैं इंपोर्ट
यूरोपीय ऑटोमोबाइल कंपनियों में मर्सिडीज, ऑडी, बीएमडब्ल्यू, जीप, फॉक्सवैगन, रेनॉ, फिएट, पोर्शे, फरारी, वॉल्वो, मिनी, बेंटले, रॉयल रॉयस, लेंबोर्गिनी, लैंड रोवर, जगुआर, सिट्रोएन जैसी बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं। बताते चलें कि बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ हरदीप सिंह बरार ने सोमवार को कहा था कि भारत-यूरोपीय संघ एफटीए के तहत इंपोर्टेड कारों पर सीमा शुल्क में कटौती से भारत में लक्जरी कार सेगमेंट के विकास को गति मिल सकती है, जो वर्तमान में काफी कम है। उन्होंने कहा था कि इस समझौते से लग्जरी कार सेगमेंट में मांग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण को मजबूत करने में मदद करेंगे।



































