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चांदी ₹16,000 तो सोना ₹4000 सस्ता, सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Feb 02, 2026 10:22 am IST,  Updated : Feb 02, 2026 10:22 am IST

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को सुबह 10 बजे के करीब सोने की कीमतें 4.20 प्रतिशत (लगभग 206 डॉलर) गिरकर 4689.43 डॉलर प्रति औंस के रेट पर कारोबार कर रही थीं।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट Image Source : AP

Silver and Gold Price: सोने और चांदी की कीमतों में आज लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट का सिलसिला जारी है। निवेशक लगातार प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिसकी वजह से इन कीमती धातुओं का भाव बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। सोमवार को MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 3.00 प्रतिशत (लगभग 4000 रुपये) की गिरावट के साथ 1,38,256 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा था। वहीं दूसरी ओर, 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी 6 प्रतिशत (लगभग 16,000 रुपये) के नुकसान के साथ 2,49,713 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर ट्रेड कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को सुबह 10 बजे के करीब सोने की कीमतें 4.20 प्रतिशत (लगभग 206 डॉलर) गिरकर 4689.43 डॉलर प्रति औंस के रेट पर कारोबार कर रही थीं। इसी तरह, चांदी भी 6.51 प्रतिशत (लगभग 5.56 डॉलर) गिरकर 79.76 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। CME के एक बयान के अनुसार, गोल्ड फ्यूचर्स के लिए मार्जिन की जरूरतें सभी रिस्क कैटेगरी में बढ़ाई जाएंगी। नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए, मार्जिन कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू के 6% से बढ़कर 8% हो जाएगा। हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए, मार्जिन 6.6% से बढ़कर 8.8% हो जाएगा।

सिल्वर फ्यूचर्स के लिए 11% से बढ़ाकर 15% किया जाएगा मार्जिन

सिल्वर फ्यूचर्स के लिए, नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 11% से बढ़ाकर 15% किया जाएगा, जबकि हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 12.1% से बढ़कर 16.5% हो जाएगा। मार्जिन की जरूरतों में बढ़ोतरी का मतलब है कि ट्रेडर्स को डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ज्यादा पैसे देने होंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे सट्टेबाजी वाली ट्रेडिंग कम हो सकती है और लिक्विडिटी घट सकती है। CME द्वारा कीमती धातुओं के लिए मार्जिन जरूरतों को बढ़ाने और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच निवेशक और कारोबारी बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुक कर रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की कीमतों में इतनी तेज गिरावट देखने को मिल रही है।

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