आम बजट 2026 एक बार फिर साफ संकेत देता है कि सरकार की प्राथमिकता का केंद्र गांव, गरीब और किसान ही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए उन योजनाओं पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया, जिनका सीधा असर देश के आम नागरिक की जेब और जिंदगी पर पड़ता है। रोजगार, खेती, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा इन चार स्तंभों पर टिका यह बजट यह भी बताता है कि आर्थिक सुस्ती और महंगाई के दौर में सरकार किसे राहत देना चाहती है। तो आइए जानते हैं, बजट 2026 में किस योजना को सबसे ज्यादा पैसा मिला और इसका फायदा किन लोगों तक पहुंचेगा।
VB-G RAM G को मिला रिकॉर्ड आवंटन
बजट 2026 में सबसे बड़ा दांव रोजगार गारंटी योजना VB-G RAM G (पूर्व में मनरेगा) पर लगाया गया है। इस योजना के लिए 95,692.31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं, इसके प्रोग्राम कंपोनेंट के लिए अलग से 30,000 करोड़ रुपये भी रखे गए हैं। इसका सीधा फायदा ग्रामीण मजदूरों, बेरोजगार परिवारों और गांवों में सड़क, तालाब, नहर जैसे छोटे लेकिन जरूरी विकास कामों को मिलेगा। यही वजह है कि VB-G RAM G इस बजट की नंबर वन योजना बनकर उभरी है।
PM किसान योजना को स्थिर सहारा
किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में सरकार ने 63,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। भले ही इसमें कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन यह राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत बनी रहेगी। हर साल मिलने वाली सीधी नकद सहायता खेती के जरूरी खर्चों में मदद करती है और किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से कुछ हद तक सुरक्षा देती है।
आयुष्मान भारत पर बढ़ा भरोसा
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह योजना गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक बोझ से बचाती है। बढ़ते मेडिकल खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है।
राशन सुरक्षा पर सबसे बड़ा खर्च
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर सरकार 2.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी। मुफ्त और सस्ते राशन के जरिए करोड़ों परिवारों की थाली सुरक्षित रखने वाली यह योजना भी बजट की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।






































