जानकारों के मुताबिक निवेशकों ने निचले लेवल पर खरीदारी कर सौदेबाजी का फायदा उठाया। वैश्विक संकेत मिश्रित रहने के चलते आज सोना सीमित ट्रेडिंग रेंज में रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, एशियाई बाजारों में छुट्टियों, अमेरिकी मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना।
मंगलवार को चांदी की कीमत 4685 रुपये की गिरावट के साथ 2,35,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जो इसके लाइफटाइम हाई से 1,80,157 रुपये कम है।
MCX पर सोमवार को सुबह 11.30 बजे तक के कारोबार में 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी की कीमतें 2,35,208 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो से लेकर 2,38,650 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थीं।
टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा कि अब ग्राहकों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और उन्होंने कीमत गिरने पर लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय तुरंत खरीदारी करना शुरू कर दिया है।
MCX पर चांदी के वायदा भाव में पिछले हफ्ते 5532 रुपये यानी 2.2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी, जबकि सोने की कीमतों में 444 रुपये यानी 0.3 प्रतिशत की मामूली तेजी दर्ज की गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में, पिछले सत्र की बिकवाली के बाद एक बार फिर सोने और चांदी में तेज उछाल आया। हाजिर चांदी 2.1% बढ़कर 77.27 डॉलर प्रति औंस हो गया, जो एक दिन पहले ही 11% की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
सोने और चांदी के भाव में बीते दो महीने में भारी उठापटक देखा गया है। चांदी तो 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई। जानकारों के मुताबिक, दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।
MCX और COMEX पर सोने और चांदी में होने वाला कारोबार सीधे तौर पर सर्राफा बाजार की कीमतों पर असर डालता है। हालांकि, MCX, COMEX और सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में अलग-अलग वजहों से थोड़ा कम-ज्यादा हो सकता है।
MCX पर मंगलवार को शुरुआती आधे घंटे के कारोबार में चांदी की कीमतें 2,65,126 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो से लेकर 2,68,498 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थीं।
चीन से आए वीकेंड के आंकड़ों से सोने-चांदी में निवेशकों की भावना मजबूत हुई है। आंकड़े बताते हैं कि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने ऊंची कीमतों के बावजूद जनवरी में लगातार 15वें महीने सोने की खरीदारी जारी रखी।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 29 जनवरी, 2026 को चांदी की कीमत 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी,जबकि सोना भी उस दिन 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
अप्रैल की डिलीवरी वाले सोने की कीमत गुरुवार को 2310 रुपये यानी 1.51 प्रतिशत गिरकर 1,50,736 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
दुनिया में डिमांड, करेंसी में उतार-चढ़ाव और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल, ये तीन ऐसी ताकतें हैं जिन्होंने चांदी को सोने के साथ एक दिलचस्प इन्वेस्टमेंट बनाने के लिए मजबूर किया है।
पिछले सत्रों की गिरावट के बाद यह रिकवरी वैश्विक अनिश्चितताओं (जैसे जियोपॉलिटिकल टेंशन और डॉलर की कमजोरी) से जुड़ी हुई है। निवेशकों को सलाह है कि वे अल्पकालिक मूवमेंट्स के साथ-साथ मैक्रो फैक्टर्स पर भी नजर रखें, क्योंकि कीमती धातुएं अभी भी अस्थिरता के दौर से गुजर रही हैं।
जब दुनिया के किसी भी कोने में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो सोने की मांग में जबरदस्त उछाल आता है, जिससे इसकी कीमतें तेजी से बढ़ती हैं।
बुधवार को सोने का भाव 4910.35 डॉलर के इंट्राडे लो से लेकर 5065.31 डॉलर के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुका था। जबकि, चांदी भी कारोबार के दौरान 83.24 डॉलर के इंट्राडे लो से लेकर 88.24 डॉलर के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थी।
दुबई, कुवैत, कतर, ओमान, अमेरिका, बहरीन, सिंगापुर के स्टोर्स में आज सोने का क्या भाव चल रहा है।
मंगलवार को दोपहर 12.07 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले सोने का भाव 5.08 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 1,51,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा था।
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार 3 दिनों तक चली गिरावट की वजह से सोने का भाव 5000 डॉलर प्रति औंस के अहम लेवल से नीचे आ गया।
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