सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, डॉलर की चाल और घरेलू मांग के आधार पर समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा कीमत की जानकारी लेना जरूरी होता है।
सोमवार को राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, वहीं सोना 1.73 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब जा पहुंचा।
फरवरी में सोने ने लगातार सातवें महीने लाभ दर्ज किया, जो 1973 के बाद से सबसे लंबी वृद्धि की सीरीज है। मौजूदा वैश्विक हालात में दोनों की कीमतों में तेजी का रुझान देखने को मिल सकता है।
जानकार का कहना है कि कई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी, सदस्यों के भाषणों पर भी नजर रहेगी, जो सोने के लिए नई गति प्रदान कर सकते हैं।
अजय केडिया के मुताबिक, चांदी की कीमतों में कई वजहों से जोरदार तेजी आ सकती है। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स की मैन्यूफैक्चरिंग में चांदी की जबरदस्त इंडस्ट्रियल डिमांड है।
अमेरिका में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ट्रंप का वैश्विक आयात शुल्क बढ़ाना और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश सोना और चांदी की ओर बढ़े हैं।
जानकारों के मुताबिक निवेशकों ने निचले लेवल पर खरीदारी कर सौदेबाजी का फायदा उठाया। वैश्विक संकेत मिश्रित रहने के चलते आज सोना सीमित ट्रेडिंग रेंज में रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, एशियाई बाजारों में छुट्टियों, अमेरिकी मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना।
मंगलवार को चांदी की कीमत 4685 रुपये की गिरावट के साथ 2,35,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जो इसके लाइफटाइम हाई से 1,80,157 रुपये कम है।
MCX पर सोमवार को सुबह 11.30 बजे तक के कारोबार में 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी की कीमतें 2,35,208 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो से लेकर 2,38,650 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थीं।
टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा कि अब ग्राहकों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और उन्होंने कीमत गिरने पर लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय तुरंत खरीदारी करना शुरू कर दिया है।
MCX पर चांदी के वायदा भाव में पिछले हफ्ते 5532 रुपये यानी 2.2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी, जबकि सोने की कीमतों में 444 रुपये यानी 0.3 प्रतिशत की मामूली तेजी दर्ज की गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में, पिछले सत्र की बिकवाली के बाद एक बार फिर सोने और चांदी में तेज उछाल आया। हाजिर चांदी 2.1% बढ़कर 77.27 डॉलर प्रति औंस हो गया, जो एक दिन पहले ही 11% की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
सोने और चांदी के भाव में बीते दो महीने में भारी उठापटक देखा गया है। चांदी तो 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई। जानकारों के मुताबिक, दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।
MCX और COMEX पर सोने और चांदी में होने वाला कारोबार सीधे तौर पर सर्राफा बाजार की कीमतों पर असर डालता है। हालांकि, MCX, COMEX और सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में अलग-अलग वजहों से थोड़ा कम-ज्यादा हो सकता है।
MCX पर मंगलवार को शुरुआती आधे घंटे के कारोबार में चांदी की कीमतें 2,65,126 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो से लेकर 2,68,498 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थीं।
चीन से आए वीकेंड के आंकड़ों से सोने-चांदी में निवेशकों की भावना मजबूत हुई है। आंकड़े बताते हैं कि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने ऊंची कीमतों के बावजूद जनवरी में लगातार 15वें महीने सोने की खरीदारी जारी रखी।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 29 जनवरी, 2026 को चांदी की कीमत 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी,जबकि सोना भी उस दिन 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
अप्रैल की डिलीवरी वाले सोने की कीमत गुरुवार को 2310 रुपये यानी 1.51 प्रतिशत गिरकर 1,50,736 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
दुनिया में डिमांड, करेंसी में उतार-चढ़ाव और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल, ये तीन ऐसी ताकतें हैं जिन्होंने चांदी को सोने के साथ एक दिलचस्प इन्वेस्टमेंट बनाने के लिए मजबूर किया है।
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