Unnao Umpire Death: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब शुक्लागंज के सप्रू स्टेडियम में चल रहे अंडर-13 क्रिकेट लीग मैच के दौरान मधुमक्खियों का झुंड अचानक टूट पड़ा। इस हमले में कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता की मौत हो गई, जबकि 15-20 खिलाड़ी, दूसरा अंपायर और ग्राउंड स्टाफ घायल हो गए। मैदान की बाउंड्री वॉल से सटे बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था। सुबह से ही मधुमक्खियां मंडरा रही थीं।
मैच के दौरान, खासकर ड्रिंक ब्रेक के आसपास अचानक पूरा झुंड मैदान पर आ गया। खिलाड़ी, अंपायर और अन्य लोग इधर-उधर भागने लगे; कुछ जमीन पर लेट गए, कुछ बाथरूम में छिप गए। लेकिन मानिक गुप्ता मैदान के पास बैठे थे। बचने के लिए भागते हुए वे गिर पड़े, जिसके बाद 50 से ज्यादा मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया और लगभग 10 मिनट तक लगातार डंक मारे। उनके पूरे शरीर पर डंक के निशान थे। उम्र अधिक होने और हृदय रोग से पीड़ित होने के कारण उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई।
सह-अंपायर सुनील कुमार निषाद और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मधुमक्खियों ने तीन बार हमला किया। पूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू ने अपनी कार से मानिक गुप्ता को शुक्लागंज के निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देख उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि 2-3 अस्पतालों ने गंभीर हालत देख भर्ती करने से इनकार कर दिया।
जान लें कि मानिक गुप्ता कानपुर के फीलखाना इलाके के निवासी थे और पिछले 30 साल से KCA से जुड़े थे। वे एक समर्पित अंपायर थे। उनके पीछे पत्नी और चार बेटियां हैं- प्रियंका, दीपिका, श्वेता और छोटी बेटी समृद्धि हैं। उनकी तीन बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है।
शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी बेसुध हो गईं। अंतिम दर्शन के बाद जब शव उठाया गया, तो वे उस जगह बार-बार हाथ फेरती रहीं जहां शव रखा था। रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने उन्हें संभाला। भागवत दास घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान छोटी बेटी समृद्धि ने पिता का चेहरा बार-बार पोंछा, बिलखती रही और मुखाग्नि दी। KCA के अध्यक्ष एस. एन. सिंह ने घटना की पुष्टि की और इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
(इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)
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