1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. AI समिट में मुकेश अंबानी का मेगा ऐलान! 7 साल में ₹10 लाख करोड़ निवेश, भारत बनेगा दुनिया की AI सुपरपावर

AI समिट में मुकेश अंबानी का मेगा ऐलान! 7 साल में ₹10 लाख करोड़ निवेश, भारत बनेगा दुनिया की AI सुपरपावर

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 19, 2026 02:03 pm IST,  Updated : Feb 19, 2026 02:12 pm IST

दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने वाले बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि एआई अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि देश की प्रगति का नया इंजन बनने जा रही है।

मुकेश अंबानी का बड़ा...- India TV Hindi
मुकेश अंबानी का बड़ा विजन

नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 में देश के कॉरपोरेट जगत से एक ऐसा ऐलान हुआ जिसने टेक्नोलॉजी सेक्टर में हलचल मचा दी। मकेश अंबानी ने घोषणा की कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो इंटेलिजेंस मिलकर अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। उनका दावा है कि यह निवेश भारत को 21वीं सदी की सबसे बड़ी AI ताकतों में शामिल करेगा।

मुकेश अंबानी ने कहा कि जिस तरह जियो ने देश को सस्ते इंटरनेट से जोड़ा, उसी तरह अब इंटेलिजेंस युग से जोड़ा जाएगा। उनका टारगेट है कि AI हर नागरिक, हर उद्योग और हर सरकारी सेवा तक पहुंचे वह भी बेहद किफायती लागत पर। उन्होंने साफ कहा कि भारत इंटेलिजेंस किराए पर नहीं ले सकता। इसलिए कंप्यूटिंग और AI सेवाओं की लागत को डेटा की तरह सस्ता बनाना ही प्राथमिकता होगी।

गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर और ग्रीन पावर

अंबानी ने बताया कि जामनगर में मल्टी-गीगावॉट क्षमता वाले AI-रेडी डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इस साल की दूसरी छमाही में 120 मेगावॉट क्षमता ऑनलाइन आ जाएगी, जिसे आगे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, कच्छ और आंध्र प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित 10 गीगावॉट तक की ग्रीन पावर क्षमता का उपयोग कर AI इंफ्रास्ट्रक्चर को ऊर्जा दी जाएगी। एक नेशनल एज कंप्यूट नेटवर्क भी तैयार होगा, जिससे AI सेवाएं कम लेटेंसी और कम लागत पर देशभर में उपलब्ध होंगी।

AI भारत की भाषा में बोलेगा

अंबानी ने कहा कि AI सिर्फ बड़ी कंपनियों के लिए नहीं होगा, बल्कि यह किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसाय करने वालों के लिए भी मददगार रहेगा। जियो शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल कर रहा है। जैसे, छात्रों के लिए कई भाषाओं में पढ़ाने वाला AI टीचर, स्थानीय भाषा में स्वास्थ्य सलाह देने वाला गाइड, और किसानों को सैटेलाइट से खेती संबंधी आसान सुझाव देने वाला सिस्टम। उन्होंने कहा कि AI भारत की भाषा में बोलेगा, भारत की संस्कृति में फूलेगा और भारत की मिट्टी में फलेगा।

भारत क्यों बनेगा AI सुपरपावर?

अंबानी के मुताबिक, भारत की ताकत उसकी जनसंख्या, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कम डेटा लागत और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम में है। आधार, UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने मजबूत नींव तैयार कर दी है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर AI को लोकतांत्रिक और किफायती बनाया गया, तो यह गरीबी कम करने और समृद्धि बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा