नागरिकता संशोधन अधिनियम यानी CAA को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सीएए के खिलाफ दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख को तय दिया है। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट आगामी 5 मई से इन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगा। जानकारी के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने दायर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तारीख तय की है। कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि असम और त्रिपुरा के मामले में अलग से सुनवाई करेगा।
दरअसल, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) सहित 250 अन्य ने सीएए कानून पर रोक की मांग को लेकर याचिका दायर की है। आईयूएमएल ने याचिका में कहा है कि सीएए कानून असंवैधानिक और मुसलमानों के खिलाफ भेदभावपूर्ण है। आईयूएमएल का दावा है कि सीएए कानून के प्रावधान मनमाने हैं और सिर्फ धार्मिक पहचान के आधार पर एक वर्ग को अनुचित लाभ देते हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है।
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट नागरिकता संशोधन कानून (CAA) 2019 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अब फाइनल सुनवाई 5 मई से शुरू करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले को तय समय में पूरा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 5 मई को याचिकाकर्ताओं की दलील सुनी जाएगी। 6 मई को आधा दिन उनकी बात जारी रहेगी। 6 मई के बाकी आधे दिन और 7 मई को सरकार का पक्ष सुना जाएगा। 12 मई को अगर जरूरत हुई तो याचिकाकर्ताओं को जवाब देने का मौका मिलेगा।कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों को पूरा मौका दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि असम और त्रिपुरा से जुड़े मामले अलग हैं, इसलिए इनकी सुनवाई मुख्य मामले के बाद अलग से की जाएगी। कोर्ट का कहना है कि इन राज्यों से जुड़े मुद्दे अलग तरह के हैं, इसलिए उन्हें अलग सुनना सही रहेगा।