मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, चांदी के निर्यात पर चीन के नए प्रतिबंधों से ग्लोबल सप्लाई प्रभावित होने और निकट भविष्य में बुलियन की कीमतों को प्रभावित करने की भी उम्मीद है।
साल के आखिरी दिन चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और इसमें पिछले 6 दिनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ रैली थम गई।
कीमती धातुओं के बाजार में बुधवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बीते कुछ दिनों की तेजी के बाद सोने और चांदी में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे दोनों धातुओं के दाम लुढ़क गए।
चांदी की तरह, आज सोना भी बढ़त के साथ ऊंचे भाव पर खुला, लेकिन प्रॉफिट बुकिंग के कारण इसकी बढ़त भी नुकसान में बदल गई।
सोने की कीमतों में इस साल अभी तक 63,350 रुपये यानी 80.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने भी इतिहास रच दिया। हाजिर चांदी पहली बार 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई। इस साल अब तक सोने की कीमतों में 63,350 रुपये यानी 80.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।
साल के आखिरी दिनों में सोना-चांदी निवेशकों को चौंकाने वाले स्तर पर पहुंच गए हैं। 26 दिसंबर की सुबह देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने ने नया रिकॉर्ड बना लिया, वहीं चांदी की कीमत में एक झटके में 8000 रुपये से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई।
जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां स्थिर नहीं होतीं और डॉलर में मजबूती नहीं आती, तब तक बुलियन मार्केट में तेजी का यह रुख जारी रह सकता है।
सोमवार को, चांदी की कीमतें 10,400 रुपये की बंपर तेजी के साथ 2,14,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
जानकार कहते हैं कि लंबे समय के अनुमान मोटे तौर पर पॉजिटिव बने हुए हैं। आने वाले सालों में सोने की कीमतें बढ़ेंगी, जिसके लिए वे सेंट्रल बैंक की लगातार डिमांड, जियोपॉलिटिकल जोखिम और बड़ी इकॉनमी में धीरे-धीरे आसान मॉनेटरी पॉलिसी को सपोर्टिंग फैक्टर बता रहे हैं।
पिछले हफ्ते शुक्रवार को चांदी की कीमत 3500 रुपये की गिरावट के साथ 2,04,100 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
बीते एक हफ्ते में चांदी की कीमत में रिकॉर्ड 16,000 रुपये प्रति किलो की उछाल देखने को मिली है, जबकि सोने में भी हल्की लेकिन लगातार मजबूती बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के बीच कीमती धातुओं की चाल निवेशकों के लिए अहम बन गई है।
चांदी इस साल की शुरुआत (1 जनवरी 2025) में मात्र 90,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात की जाए तो स्पॉट गोल्ड 0.31% गिरकर 4,325.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार, 15 दिसंबर को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 4000 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 1,37,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गई थी।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों ने आज बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुक किया, जिसकी वजह से आज सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। पिछली ट्रेडिंग सेशन में करीब दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे सोने पर दबाव देखने को मिला।
आज अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। कॉमेक्स (COMEX) पर फरवरी की डिलीवरी वाला सोना 52.2 डॉलर (1.21 प्रतिशत) की तेजी के साथ 4380.5 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
ग्लोबल मार्केट में भी सोमवार को सोने की कीमतें बढ़कर लगभग $4,320 प्रति औंस पर पहुंच गईं, जो अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर के काफी करीब है।
एक्सिस म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को चांदी में संभावित जोखिमों के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है।
चांदी और सोने की कीमतों में हालिया उछाल ने कीमती धातुओं में निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है, और आगामी दिनों में इस रैली को जारी रखने की उम्मीद जताई जा रही है।
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