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चांदी के भाव में तूफान, रिकॉर्ड तोड़ कीमत चढ़ी सातवें आसमान, जानें कहां पहुंचा 10 ग्राम सोने का दाम

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Dec 18, 2025 07:06 pm IST,  Updated : Dec 18, 2025 07:06 pm IST

चांदी इस साल की शुरुआत (1 जनवरी 2025) में मात्र 90,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात की जाए तो स्पॉट गोल्ड 0.31% गिरकर 4,325.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा।

चांदी में अब तक 1,17,100 रुपये या करीब 129.4% की जबरदस्त वृद्धि हो चुकी है।- India TV Hindi
चांदी में अब तक 1,17,100 रुपये या करीब 129.4% की जबरदस्त वृद्धि हो चुकी है। Image Source : FREEPIK

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को चांदी की कीमतों ने लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी दर्ज की। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, स्थानीय बाजार में चांदी 1,800 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नए रिकॉर्ड स्तर 2,07,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बुधवार को चांदी 7,300 रुपये चढ़कर पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार गई थी और 2,05,800 रुपये पर बंद हुई थी। इस साल की शुरुआत (1 जनवरी 2025) में चांदी मात्र 90,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी, यानी अब तक इसमें 1,17,100 रुपये या करीब 129.4% की जबरदस्त वृद्धि हो चुकी है।

सोने की कीमत आज

सोने की कीमतें 18 दिसंबर को स्थिर रहीं। 99.9% शुद्ध सोना (सभी टैक्स सहित) 1,36,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात की जाए तो स्पॉट गोल्ड 0.31% गिरकर 4,325.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। Reliance Securities के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, सोना 4,330 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने सोने की मांग को मजबूत बनाए रखा है।

चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमत

इसके उलट, स्पॉट सिल्वर 0.25% फिसलकर 66.04 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, हालांकि पिछले सत्र में यह 66.88 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था। इस साल चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमत 2 जनवरी 2025 के 29.56 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 66.88 डॉलर तक पहुंची, यानी 37.32 डॉलर या 126.3% की बढ़ोतरी। जिगर त्रिवेदी ने कहा, "चांदी की सालाना तेजी करीब 130% तक पहुंच चुकी है, जिसे इन्वेंट्री की कमी और सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल तथा डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों से मजबूत औद्योगिक व खुदरा मांग ने सपोर्ट किया है।

विश्लेषकों का मानना है कि चांदी लगातार पांचवें साल आपूर्ति घाटे का सामना कर रही है और यह ट्रेंड 2026 में भी जारी रह सकता है, जिससे कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी। यह तेजी निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर तो पेश कर रही है, लेकिन ऊंची कीमतों के बीच सतर्कता बरतना भी जरूरी है।

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