महंगाई, बढ़ती जरूरतें और आसान लोन की उपलब्धता ने देशभर में एक नया ट्रेंड खड़ा कर दिया है। अब लोग गहने बेच नहीं रहे, बल्कि गिरवी रखकर तुरंत नकदी जुटा रहे हैं। दिसंबर 2025 में देशभर में गोल्ड आभूषण गिरवी रखकर 24,061 करोड़ रुपये का लोन लिया गया।
ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है। तनाव की स्थिति में सप्लाई चेन बाधित होने की चिंता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जो भारत पर काफी बुरा असर डालेगा।
जानकार का कहना है कि कई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी, सदस्यों के भाषणों पर भी नजर रहेगी, जो सोने के लिए नई गति प्रदान कर सकते हैं।
शुक्रवार को बीएसई पर ओला इलेक्ट्रिक के शेयर लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25.39 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे।
भारी गिरावट के बाद सोने-चांदी में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत की खबर लेकर आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ नए स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने तो जोरदार उछाल दिखाकर बाजार का मूड ही बदल दिया।
सोना और चांदी सिर्फ पारंपरिक निवेश का प्रतीक नहीं रहे, बल्कि अब म्यूचुअल फंड और ETF के जरिए निवेशकों के पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में इनकी सही और पारदर्शी वैल्यू तय करना बेहद जरूरी है।
26 फरवरी यानी गुरुवार को दिल्ली और मुंबई समेत देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे वैश्विक बाजार में स्थिर रुख और निवेशकों का सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख बदलना मुख्य कारण माना जा रहा है।
वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक घटनाओं ने सोने को सपोर्ट दिया, लेकिन फेड की नीति स्थिर रहने के संकेतों ने तेजी को सीमित रखा।
अजय केडिया के मुताबिक, चांदी की कीमतों में कई वजहों से जोरदार तेजी आ सकती है। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स की मैन्यूफैक्चरिंग में चांदी की जबरदस्त इंडस्ट्रियल डिमांड है।
सोमवार को MCX पर, 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी का भाव 15,931 रुपये की तेजी के साथ 2,68,875 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया था।
अमेरिका में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ट्रंप का वैश्विक आयात शुल्क बढ़ाना और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश सोना और चांदी की ओर बढ़े हैं।
सोने और चांदी की कीमत में आने वाले दिनों में काफी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। चांदी ने तो इस साल नए रिकॉर्ड बनाने की झड़ी लगा दी है। कीमत 4 लाख रुपये के पार तक चली गई।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, लगातार बढ़ती महंगाई और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक अब सुरक्षित निवेश के विकल्प ढूंढ रहे हैं। ऐसे समय में सोना और चांदी सिर्फ आभूषण नहीं रह गए हैं, बल्कि मजबूत निवेश साधन के रूप में सामने आए हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना फ्यूचर्स दो दिनों में 5,000 रुपये से ज्यादा चढ़कर 1,55,761 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मार्च 2026 सेटलमेंट वाली चांदी फ्यूचर्स में तो और भी तेज उछाल देखने को मिला।
जानकारों के मुताबिक निवेशकों ने निचले लेवल पर खरीदारी कर सौदेबाजी का फायदा उठाया। वैश्विक संकेत मिश्रित रहने के चलते आज सोना सीमित ट्रेडिंग रेंज में रहा।
पिछले सत्र में भारी गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 1,700 रुपये की तेजी के साथ 1,53,199 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी में तो और भी बड़ी छलांग दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, एशियाई बाजारों में छुट्टियों, अमेरिकी मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना।
मंगलवार को चांदी की कीमत 4685 रुपये की गिरावट के साथ 2,35,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जो इसके लाइफटाइम हाई से 1,80,157 रुपये कम है।
सप्ताह की शुरुआत में चांदी में कमजोरी देखने को मिली, क्योंकि निवेशकों ने सप्ताहांत में हुई तेजी के बाद अपने मुनाफे को सुरक्षित कर लिया।
MCX पर सोमवार को सुबह 11.30 बजे तक के कारोबार में 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी की कीमतें 2,35,208 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो से लेकर 2,38,650 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच चुकी थीं।
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