1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ''...तो मैं अनशन खत्म कर दूंगा'', सोनम वांगचुक ने केंद्र को लेटर लिखकर बताई अपनी शर्तें

''...तो मैं अनशन खत्म कर दूंगा'', सोनम वांगचुक ने केंद्र को लेटर लिखकर बताई अपनी शर्तें

 Written By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Jul 22, 2026 05:24 pm IST,  Updated : Jul 22, 2026 06:30 pm IST

सोनम वांगचुक ने बुधवार को दावा किया कि केंद्र ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की कोशिशों के तहत वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे।

सोनम वांगचुक- India TV Hindi
सोनम वांगचुक Image Source : PTI

नई दिल्लीः पेपर लीक के मामले पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। वांगचुक ने पत्र में लिखा है कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों को लेकर उन्हें भरोसा दिलाए तो वे अपना अनशन खत्म कर देंगे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के नाम लिखे लेटर में सोनम वांगचुक ने कल रात अस्पताल में मुझसे मिलने और मेरा अनशन खत्म करने की आपकी अपील के लिए धन्यवाद। हमारी बातचीत के दौरान आपने मुझे भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी बातों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी। 

सोनम वांगचुक ने केंद्र से की ये मांग

सोनम वांगचुक ने सरकार से मांग की है कि परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवज़ा दिया जाए। जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल हो।

पुलिस द्वारा ज़्यादती और ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के बावजूद 20 जुलाई 2026 का 'चलो संसद' मार्च बहुत शांतिपूर्ण रहा। पूरे देश और दुनिया ने लोकतांत्रिक विरोध के प्रति उनके धैर्य और प्रतिबद्धता को देखा। मुझे पूरी उम्मीद है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में इस भरोसे को किसी भी कानूनी मामले, उत्पीड़न या इसमें शामिल लोगों के खिलाफ बदले की भावना से की गई कार्रवाई से कमज़ोर नहीं किया जाएगा।

मैं छात्रों के लिए जीना चाहता हूं

वांगचुक ने पत्र में लिखा, अस्पताल में आपसे मिलने के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने मुझे पत्र लिखा है। कुछ लोग पहले ही आ चुके हैं और बाकी के आज शाम तक आने की उम्मीद है। उन सभी ने मुझसे अपना अनशन खत्म करने का आग्रह किया है और याद दिलाया है कि मुझे अभी देश की सेवा में बहुत काम करना है। मैं उनसे सहमत हूं। मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और उस काम में लौटना चाहता हूं जिसने मेरे जीवन को एक पहचान दी है। लेकिन मैं उन युवाओं की कीमत पर ऐसा नहीं कर सकता जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।

सोनम वांगचुक ने केंद्र से मांगा ये आश्वासन

इसलिए मैं सरकार से सम्मानपूर्वक एक स्पष्ट आश्वासन चाहता हूं कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या बदले की भावना वाली कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनका एकमात्र "अपराध" एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज़ उठाना रहा है। अगर ऐसा आश्वासन दिया जाता है तो मैं इस भरोसे के साथ अपना अनशन खत्म करूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील सुनी है, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की उम्मीदों को भी समझा है। ऐसे आश्वासन के अभाव में, मैं अनिश्चित काल तक अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर हो जाऊंगा। मुझे यह भी उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस द्वारा और ज़्यादा बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।

हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह उनसे कैसा व्यवहार करता है जो उससे सहमत हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि वह अपने युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। जब वे साहस, उम्मीद और पक्के इरादे के साथ बोलने की हिम्मत करते हैं। 

ये भी पढ़ेंः सोनम वांगचुक गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर कराया गया शिफ्ट

सीजेपी मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर CJI सूर्यकांत की बड़ी टिप्पणी, कहा- "हमारा समय बर्बाद मत करें"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत