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मुंबई की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत! 17,724 करोड़ में बनेगी 25 KM लंबी मेट्रो लाइन, पुणे रिंग रोड विस्तार को भी मंजूरी

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Aug 19, 2026 06:53 am IST,  Updated : Aug 19, 2026 07:14 am IST

मुंबई महानगर क्षेत्र में 25 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन-13 को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही पुणे रिंग रोड के पूर्वी विस्तार को भी महाराष्ट्र सरकार ने हरी झंडी दी है।

मुंबई में मेट्रो...- India TV Hindi
मुंबई में मेट्रो लाइन-13 को मिली मंजूरी (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : PTI

महाराष्ट्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुंबई के आसपास रहने वाले लाखों लोगों के लिए नई मेट्रो लाइन को मंजूरी मिलने से सफर आसान होने की उम्मीद है। वहीं पुणे में भी ट्रैफिक कम करने के लिए रिंग रोड के विस्तार को हरी झंडी दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक में दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

महाराष्ट्र सरकार ने 25.03 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन-13 को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 17,724.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह मेट्रो लाइन मीरा-भायंदर को वसई-विरार से जोड़ेगी और ठाणे तथा पालघर जिलों से होकर गुजरेगी। इस पूरे कॉरिडोर में 16 स्टेशन होंगे। इनमें 13 स्टेशन एलिवेटेड और 3 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे। कुल रूट में करीब 21.78 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और 3.25 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा।

मीरा रोड से विरार तक आसान होगा सफर

मेट्रो लाइन-13 के जरिए मीरा रोड, वसई, नालासोपारा, नायगांव और विरार जैसे इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह लाइन नायगांव, नालासोपारा और विरार के उपनगरीय रेलवे स्टेशनों से भी कनेक्ट होगी। इसके अलावा मीरा भायंदर में यह मेट्रो लाइन 9 से जुड़ने का प्रस्ताव है। इस परियोजना में 4.92 KM लंबा छह लेन का रोड-कम-मेट्रो ब्रिज भी शामिल है, जो वसई क्रीक के ऊपर से पांजू द्वीप को जोड़ेगा। पालघर के चिखल डोंगरी में मेट्रो डिपो बनाया जाएगा।

पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य

सरकार के मुताबिक, परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद करीब पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अगले छह महीने में जमीन अधिग्रहण और पहुंच मार्गों से जुड़े काम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। मेट्रो के सभी स्टेशनों पर बस सेवा उपलब्ध कराने की भी योजना है। वर्ष 2031 तक इस लाइन से रोजाना करीब 4.49 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है। इससे सड़क के मुकाबले यात्रा समय करीब 50% तक कम हो सकता है।

पुणे रिंग रोड को भी मिली मंजूरी

मुंबई के साथ पुणे को भी बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट मिला है। सरकार ने पुणे रिंग रोड के ईस्टर्न एक्सपेंशन के लिए 10,502.36 करोड़ रुपये की संशोधित परियोजना लागत को मंजूरी दी है। इस विस्तार में 31.805 KM लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बनेगा, जो पुणे-सोलापुर रोड पर सॉर्टापवाड़ी से पुणे-सतारा रोड पर वरवे (बुद्रुक)-शिवरे तक जाएगा।

शहर के अंदर कम होगा ट्रैफिक

इस रिंग रोड का मुख्य उद्देश्य अंतरराज्यीय और अंतरशहरी ट्रैफिक को पुणे शहर के बाहर डायवर्ट करना है। इससे शहर के अंदर वाहनों का दबाव और जाम कम होने की उम्मीद है। रिंग रोड पर दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन होंगी और अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी। परियोजना में पुल, फ्लाईओवर, इंटरचेंज और सुरंगें भी शामिल होंगी। लगभग 80% जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है और पूरे प्रोजेक्ट को जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इनपुट- PTI

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