Wednesday, January 28, 2026
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India-EU FTA: यूरोप से इंपोर्ट होने वाली सिर्फ महंगी गाड़ियों पर ही मिलेगी छूट, अधिकारी ने समझाया पूरा गणित

अधिकारी ने कहा कि ये कोटा मुख्य रूप से यूरोपीय संघ की पुरानी और मशहूर कार कंपनियों को दिया जाएगा। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी।

Edited By: Sunil Chaurasia
Published : Jan 28, 2026 11:45 pm IST, Updated : Jan 28, 2026 11:45 pm IST
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Photo:RANGE ROVER भारत में बिकने वाली 90 प्रतिशत कारों की कीमत 25 लाख रुपये से कम

भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। एफटीए के तहत, सिर्फ 25 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली यात्री कारों पर ही आयात शुल्क (Import Duty) में क्रमिक छूट दी जाएगी। एक अधिकारी ने बुधवार को ये जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि 25 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली कारों पर दी जाने वाली ये छूट भी एक सीमा के दायरे में रहेगी। समझौते के तहत, एक साल के अंतराल में यूरोप से आयात की जाने वाली अधिकतम 2.5 लाख कारों पर ही छूट मिलेगी।

पुरानी और मशहूर कार कंपनियों को दिया जाएगा कोटा

अधिकारी ने कहा कि ये कोटा मुख्य रूप से यूरोपीय संघ की पुरानी और मशहूर कार कंपनियों को दिया जाएगा। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी। इस समझौते को इसी साल हस्ताक्षरित और लागू किया जाएगा। इस समझौते के तहत, भारत ने कुल 2.5 लाख में से सालाना 1.6 लाख डीजल और पेट्रोल कारों और 90,000 इलेक्ट्रिक कारों के लिए कोटा दिया है। भारत ने 15,000 यूरो (लागत, बीमा, माल ढुलाई) से कम कीमत वाली कारों पर आयात शुल्क में कोई छूट नहीं दी है। इसमें सीमा शुल्क (Custom Duty), जीएसटी और रोड टैक्स जोड़ने के बाद कार की खुदरा कीमत लगभग 25-27 लाख रुपये होती है।

भारत में बिकने वाली 90 प्रतिशत कारों की कीमत 25 लाख रुपये से कम 

भारत के घरेलू कार बाजार में लगभग 90 प्रतिशत कारें 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली हैं। भारत का पैसेंजर कार मार्केट अब दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है और यहां हर साल 43 लाख से ज्यादा कारों की बिक्री होती है। अधिकारी ने बताया कि भारत मुख्य रूप से बड़ी इंजन क्षमता वाली कारों और महंगी इलेक्ट्रिक कारों पर कोटा दे रहा है, जबकि छोटी इंजन क्षमता वाली और मध्यम से कम कीमत वाली कारों को सुरक्षित रखा जा रहा है। समझौते के तहत, डीजल और पेट्रोल कारों के लिए कोटा को तीन मूल्य श्रेणियों में बांटा गया है। समझौते के मुताबिक, 15,000 यूरो से कम कीमत वाली कारों पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। वहीं 15,000 से 35,000 यूरो कीमत वाली कारों पर पहले साल में आयात शुल्क 35 प्रतिशत होगा और इन पर सालाना 34,000 कारों का कोटा रहेगा। 

कार बाजार के सिर्फ 2.5 प्रतिशत हिस्से को मिलेगी छूट

इसके अलावा 35,000 से 50,000 यूरो और 50,000 यूरो से ज्यादा कीमत वाली कारों पर पहले साल में आयात शुल्क 30 प्रतिशत होगा और हर श्रेणी में 33,000 कारों का कोटा होगा। पहले साल में कुल रियायती कोटा 1,00,000 गाड़ियों का होगा। अधिकारी ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि इसका हिस्सा हमारे बाजार का 2.5 प्रतिशत से कम रहेगा। यूरोपीय संघ भारतीय कार विनिर्माता कंपनियों को भारत द्वारा दिए गए कोटा से 2.5 गुना ज्यादा कोटा देगा।"

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