भीषण आंतरिक अशांति से जूझ रहे इस्लामिक देश ईरान की करेंसी रियाल में भीषण गिरावट का सिलसिला जारी है। ईरानी मुद्रा बुधवार को टूटकर 16 लाख रियाल प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई। ईरान के स्थानीय मुद्रा कारोबारियों ने ये जानकारी दी। इसके एक दिन पहले यानी मंगलवार को ही रियाल पहली बार 15 लाख प्रति डॉलर के स्तर तक फिसला था। रियाल में ये तेज गिरावट ऐसे समय में देखी जा रही है, जब ईरान में आर्थिक संकट को लेकर शुरू हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को एक महीना पूरा हो चुका है।
ईरान में 28 दिसंबर को शुरू हुए थे विरोध प्रदर्शन
ईरान में ये प्रदर्शन 28 दिसंबर को रियाल की वैल्यू में भारी गिरावट के विरोध में शुरू हुए थे और जल्द ही देश के अलग-अलग हिस्सों में भी तेजी से फैल गए। राजधानी तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों ने रियाल की गिरती कीमत, बहुत ज्यादा महंगाई और कुछ खाने-पीने की चीजों और ईंधन पर सरकारी सब्सिडी खत्म करने के फैसले के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी थीं और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किए गए।
अशांति में अभी तक हजारों लोगों की मौत
ईरान की सरकार ने इन विरोध प्रदर्शनों पर सख्ती से कार्रवाई की है। देश को बीते दो हफ्तों से ज्यादा समय तक इंटरनेट बैन का भी सामना करना पड़ा है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी की इस कार्रवाई में अभी तक कम-से-कम 6221 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान सरकार ने कहा कि अशांति में कम से कम 3117 लोग मारे गए हैं, जिनमें 2427 आम नागरिक और सुरक्षा बल के जवान थे और बाकी के लोग आतंकवादी थे।
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी ने भी रियाल को बनाया कमजोर
ईरान में बड़े स्तर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी ने भी देश की मुद्रा रियाल की वैल्यू में गिराने में बड़ी भूमिका निभाई है। ईरान के नए नियुक्त सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेम्मती ने मंगलवार को कहा था कि "विदेशी मुद्रा बाजार अपने सामान्य रास्ते पर चल रहा है।"



































